फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साधन सहकारी समितियों पर यूरिया का संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
मधुबन। क्षेत्र में साधन सहकारी समितियों पर यूरिया खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। किसानों को विवश होकर बाजारों से उर्वरक विक्रेताओं से अधिक मूल्य पर यूरिया खरीद रहे हैं। रबी की फसलों की सिंचाई के बाद खेतों में यूरिया के छिड़काव की जरूरत होती है। किसान उर्वरकों के लिए सबसे अधिक भरोसा साधन सहकारी समितियों से मिलने वाली यूरिया पर करते हैं। लेकिन क्षेत्र की एक भी साधन सहकारी समिति पर एक भी बोरी यूरिया नहीं है। इस दुर्व्यवस्था को लेकर क्षेत्र के किसानों में सरकार की इस दुर्ववस्था के प्रति काफी आक्रोश है।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि क्षेत्र के साधन सहकारी समितियों पर यूरिया न होने से गेंहू की फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच चुकी है। वहीं इस का फायदा उठाते हुए निजी दुकानदार नियत मूल्य से 80 से 100 रुपये प्रति बोरी अधिक कीमत लेकर यूरिया बेंच रहे हैं। क्षेत्र के किसान मुराद उस्मानी, यशवीर मल्ल, विशाल मल्ल, डॉ प्रेम भूषण पाण्डेय, शंशाक शेखर तिवारी आदि का कहना कि सरकार किसानों को सुनहरा ख्वाब दिखा कर किसानों के साथ छल कर रही है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें