शहर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को सलाहाबाद मोड़ स्थित रेलवे क्रासिंग के पास से जाली नोटों के एक और कारोबारी को दबोचा। उसके कब्जे से 50 रुपए के 100 नकली नोट बरामद किया गया। बरामद नोट तीन सीरीज में छापे गए हैं। इससे पूर्व कोतवाली पुलिस ने एटीएस वाराणसी के साथ मिलकर मलिक ताहिरपुरा मुहल्ले से जाली नोटों के साथ तीन युवकों को दबोचा था। जिनके पास से रुपए छापने वाली मशीनें और अन्य सामान बरामद हुए थे।
कोतवाली पुलिस की इस सफलता का खुलासा बुधवार को सीओ नगर राजकुमार ने प्रेसवार्ता कर किया। सीओ ने बताया कि बीते दिनों शहर के मलिक ताहिरपुरा मुहल्ले से नकली नोट का छापाखाना के साथ तीन आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद, पुलिस नकली नोटों के कारोबारियों के विरुद्ध अभियान चला रही है। बताया कि शहर कोतवाल शिशिर त्रिवेदी सहयोगियों के साथ चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी बीच मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस ने सलाहाबाद रेलवे क्रासिंग के पास संदिग्ध हाल में खड़े युवक को दबोचा। तलाशी में उसके पास से 50 रुपये के 100 जाली नोट बरामद हुए। पकड़े गए युवक ने अपना नाम इसराफिल पुत्र समीउल्लाह निवासी शहर कोतवाली के छोटी रहजनिया मुहल्ला निवासी बताया।
सीओ ने बताया कि इसराफिल मलिक ताहिरपुरा मुहल्ले से गिरफ्तार मंसूर पुत्र मु. अफजाल के गैंग का सदस्य है। मंसूर अपने दो साथियों तालिब और उस्मान के साथ पकड़ा गया था। सीओ के अनुसार, इसराफिल ने बताया कि मंसूर ने ही ये नकली नोट छाप कर बाजार में चलाने के लिये उसे दिया था। उसने बताया कि असली करेंसी के चालीस हजार लेकर एक लाख के जाली नोटो की गड्डी विश्वस्त लोगो को बेचा जाता है। इसके अतिरिक्त छोटे दुकानदारो को भी फुटकर जाली नोट सामानो के बदले पकड़ाते हैं। सीओ ने बताया कि इस सिलसिले में कई नाम और पुलिस की जानकारी में आये हैं। जल्दी ही पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों को भी अपनी गिरफ्त में लेगी।