मऊ। नगर के ढ़ेकुलिया घाट पर शनिवार को नाई समाज की बैठक हुई। इसमें लोगों ने जस्टिस जी. रोहणी आयोग द्वारा ओबीसी आरक्षण लाभ से लाभान्वित नाई समाज के संबंध में दी गई रिपोर्ट को निराधार बताया। बैठक के बाद जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर रिपोर्ट में सुधार कराए जाने के लिए राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस अवसर पर हुई बैठक में राजमणि शर्मा ने कहा कि नाई जाति के लोगों के साथ समाज के हर वर्ग के लोग भेदभाव करते हैं।
सामाजिक, शैक्षिक, सामाजिक, राजनैतिक स्थिति अत्यंत दयनीय है। आजादी के 71 वर्षों बाद भी विकास के लिए यह समाज तरस रहा है। कहा कि स्थिति यह है कि नाई जाति की पात्रता अनुसूचित जाति की श्रेणी में जाने की है। मगर रोहणी आयोग की रिपोर्ट ने तो निराधार रिपोर्ट पेश कर इस जाति के लोगों को हैरान कर दिया है। सत्यप्रकाश ठाकुर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा सहानुभूति पूर्वक विचार करके इसे परिवर्तित कराया जाए। रामप्रवेश शर्मा ने कहा कि समाज के विकास के लिए मजबूत संगठन की नितांत आवश्यकता है। उन्होंने चेतावनी दिया कि यदि इस रिपोर्ट को अस्वीकार नहीं किया गया तो समाज के लोग लामबंद होकर आंदोलन करेंगे। सोचन शर्मा ने अति पिछड़ी जातियों को आबादी के अनुपात में पृथक आरक्षण की मांग किया। कहा कि ऐसा होने से ही नाई सहित सभी अति पिछड़ी जातियों का विकास होगा। इस मौके पर प्रमोद कुमार, स्वतंत्र शर्मा, अतुल कुमार, रामध्यान शर्मा, गोपाल शर्मा, अशोक ठाकुर, अजय शर्मा आदि रहे।