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नियम को ताक पर रखकर संचालित हो रहे निजी विद्यालय

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मऊ। जिला प्रशासन की तमाम चेतावनी के बाद भी नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में निजी विद्यालय नियम कानून को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं। कई स्कूल बेसमेंट और टिन शेड में संचालित हो रहे हैं। इन विद्यालयों में अप्रशिक्षित शिक्षक काम कर रहे हैं। इन्हें बंद कराने में खानापूर्ति की जा रही है। गत वर्ष विभाग की तरफ से 105 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को सीज किया गया था। जबकि 243 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालकों को नोटिस जारी कर सब कुछ ओके बता दिया गया। गत शुक्रवार को एसडीएम सदर के निरीक्षण में विभागीय लापरवाही की पोल खुल गई। अधिकारी जांच प्रक्रिया चलने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
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शिक्षण सत्र का 10वां माह चल रहा है, लेकिन अभी तक जिले में संचालित हो रहे गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर शिकंजा कसा नहीं जा सका है। विद्यालय संचालकों द्वारा गुणवत्ता परक शिक्षा के नाम पर भारी भरकम फीस भी वसूली जा रही है। हाल यह है कि इन विद्यालयों मेें अप्रशिक्षित शिक्षक ही कार्यरत हैं। कई विद्यालयों का भवन मानक के अनुरूप नहीं है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारियों द्वारा सब कुछ ओके बताया जा रहा है। गत शुक्रवार को एसडीएम सदर डॉ. अंकुर लाठर के निरीक्षण में नगर के तीन निजी विद्यालयों में अप्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती, मानक के अनुरूप भवन नहीं मिला, साथ ही व्यापाक पैमाने पर कमियां मिली थीं। गत वर्ष शासन के निर्देश पर जिले में व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया गया था। अभियान के तहत विभाग की तरफ से105 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को सीज किया गया था। जबकि 243 गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालकों को नोटिस जारी की गई थी। कागज में तो चेकिंग अभियान चल रहा है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और ही है। वहीं नगर शिक्षा अधिकारी अशोक गौतम का कहना है कि अभियान के तहत जांच पड़ताल की जा रही है। गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालकों के खिलाफ संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी का कहना है कि इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
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