मऊ। जिले में भीषण ठंड पड़ना शुरु हो गई है। लेकिन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की तरफ से यात्रियों की सुविधाओं को लेकर किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। मुख्यालय पर मौजूद स्टेशन का भवन भी काफी जर्जर हो चला है। इसके चलते रात को यात्रा करने के लिए बस पकड़ने के लिए आने वाले यात्रियों को खुले आसमान के नीचे खड़ा होकर बस का इंतेजार करना पड़ता है। कमोवेश यही हालत दोहरीघाट डिपों की है।
मऊ और दोपहरीघाट बस स्टेशन से कुल 111 रोडवेज बसों का संचालन होता है। लेकिन व्यवस्था न होने के कारण ठंड में यात्रियों को रोडवेज की बस में यात्रा कराना काफी दुष्कर हो गया है। खासकर लंबी दूरी की बसों में यात्रा करना किसी मुसीबत का सामना से कम नहीं है। बसों के खिड़कियों के शीशे पुराने सिस्टम के हैं। बसों के ब्रेक लगाने पर ये शीशे आगे की तरफ सरकते रहते हैं। इससे यात्रियों को सर्द हवाओं के थपेड़ों को सहना पड़ता है। बताते चले 111 बसों में 53 मऊ तथा 58 बसें दोहरीघाट डिपो की संचालित है। इसमें से 6 बसें दिल्ली ,तीन बसें मथुरा, तीन बसें आगरा,आठ बसें कानपुर , 14 बसें लखनऊ , 14 बसें इलाहाबाद गोरखपुर 15 बसें ओबरा , वाराणसी सोनभद्र , मिर्जापुर, देवरिया, सोनौली आदि महानगरों केे लिए चलती हैं।