मऊ। जिले में दूसरे दौर में 16 केंद्रों पर कोरोना से बचाव का टीका स्वास्थ्य कर्मचारियों को लगाया गया। सुबह से शुरू हुआ टीकाकरण शाम पांच बजे तक चला। इस दौरान तय लक्ष्य के सापेक्ष 64 फीसदी लोगों को टीका लगाया जा सका। इसमें पहले चरण के चार अलावा तीन नए अस्पतालों को चयनित कर 16 केंद्र बनाए गए थे। जिसमें 1599 स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगना था। दूसरे दौर के टीकाकरण में स्वास्थ्य कर्मचारियों में ज्यादा उत्साह दिखा। इस दौरान कई केंद्रों पर टीका लगवाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारियों की लाइन लगी थी।
पहले चरण में जिला मुख्यालय पर जिला और महिला अस्पताल पर एक एक और सीएचसी कोपागंज और घोसी पर एक एक केंद्र बनाए गए थे। इस तरह से चार केंद्रों पर कुल चार सौ कर्मचारियों को टीका लगना था। लेकिन लक्ष्य के सापेक्ष 66 फीसदी स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लग सका था। इसीक्रम में दूसरे दौर में शुक्रवार को जिला मुख्याल स्थित जिला अस्पताल, महिला अस्पताल के साथ, सीएचसी कोपागंज, घोसी के अलावा रतनपुरा, परदहां और फतेहपुर मंडाव को चयनित किया गया था।
दूसरे दौर में स्वास्थ्य कर्मचारियों की सहूलियत के लिए जिला और महिला अस्पताल के साथ घोसी, फतेहपुर मंडाव, परदहां में दो-दो केंद्र जबकि सीएचसी कोपागंज, रतनपुरा में तीन-तीन केंद्र बनाए गए थे। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक चले टीकाकरण में 1599 के सापेक्ष कुल 1016 स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया गया। टीकाकरण के दौरान स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण कराने को कतारबंद होकर खड़े थे। इस दौरान जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल, एसपी सुशील घुले, सीडीओ राम सिंह वर्मा, सीएमओ डा. एससी सिंह सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी केंद्रों पर पहुंचकर टीका लगवाले वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों से उनका हालचाल लिए।
कहां किसको लगा पहला डोज
मऊ। दूसरे चरण के टीकाकरण के दौरान जिला अस्पताल में पहला डोज लैब टेक्निशियन मुहम्मद करीब आलम को तो दूसरे केंद्र पर एलटी बाला साहेब को टीका लगाया गया। इसीक्रम में जिल महिला अस्पताल में सीएमओ कार्यालय के लिपिक धर्मेश राय को पहला टीका लगाया गया। इसीक्रम में फतेहपुर मंडाव में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव पांडेय को, तो परदहां में नेत्र सहायक नंदलाल गोड को पहला डोज लगाया गया। कोपागंज में डा. अशोक कुमार राय को तो रतनपुरा में प्रभारी चिकित्साधिकारी हंसराज सोनी को पहला डोज लगाया गया। इस दौरान जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. वीके यादव, डिप्टी सीएमओ डॉ. वकील अली, सर्विलांस अधिकारी, डॉ. पदम जैन टीकाकरण की हर बारीकियों की मानीटरिंग करते रहे।
उमंग, उत्साह के आगे फीकी पड़ी ठंड
मऊ। पहले चरण में भले ही टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों में उतना उमंग और उत्साह नहीं दिखा था, लेकिन शुक्रवार को दूसरे दौर में स्वास्थ्यकर्मियों में स्वास्थ्य कर्मचारी ज्यादा उत्साहित नजर आए। दूसरे दौर में पहले चरण के सापेक्ष तीन गुना स्वास्थ्यकर्मियों को टीका के लिए चिहिन्त करने से सुबह से शाम तक टीकाकरण केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मी पहुंचते रहे और उन्हें टीका लगता रहा। इस दौरान महिला अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मचारियों की लाइन लगी थी। टीकाकरण के बाद वेटिंग रूम में रुके कर्मचारी टीकाकरण को लेकर खूब चर्चा करते दिखे। साथ ही टीकाकरण करने के बाद अपने अनुभवों को सोशल मीडिया में साझा करते रहे।
एक घंटे में 15 स्वास्थ्यकर्मियों को लगा टीका
मऊ। हर केंद्र पर 100 हेल्थवर्करों को सुबह दस से पांच बजे के बीच टीका लगाना था। इस दौरान हर घंटे में 15 लोगों को यानी हर चार मिनट पर एक हेल्थवर्कर को टीका लगाया गया। टीका लगने के बाद केंद्र के पास बनाए गए निगरानी कक्ष में 30 मिनट तक हेल्थवर्करों को रोका गया। इस दौरान विपरित परिस्थिति से निपटने के लिए तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम निगरानी कक्ष में हेल्थवर्करों के हर गतिविधियों पर नजर रखे रही। वहीं
स्वास्थ्य विभाग ने हर अस्पताल पर अस्पताल अधीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया था। जबकि प्रशासन द्वारा एसडीएम, तहसीलदार और पुलिस प्रशासन द्वारा एक-एक उपनिरीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया था। इस दौरान इन केंद्रों पर प्रवेश निषेध रहा। जिन हेल्थवर्करों का टीकाकरणहोना था, उन्हीं को प्रवेश दिया गया।