वलीदपुर। चार साल बाद नेपाल जेल से रिहा होकर घर जा रहे वाराणसी के पांडेयपुर निवासी युवक का स्वागत मुहम्मदाबाद गोहना के शहीद चौराहे पर पहुँचने पर स्थानीय कसबे के लोगों ने शुक्रवार को किया। वाराणसी के दो समाजसेवियों की पहल पर चालक को नेपाल की जेल से चार साल बाद रिहा कराया जा सका। पांडेयपुर निवासी महेंद्र वर्मा ट्रक चालक है। चार साल पहले महेंद्र वाराणसी से फल लादकर ट्रक से नेपाल गया था। नेपाल में एक ढाबे पर ट्रक खड़ा कर वह चाय पी रहा था। इसी दौरान किसी वाहन से एक्सीडेंट हो गया। नेपाल पुलिस उस एक्सीडेंट के आरोप में गिरफ्तार कर ले गई । वहां से उसे जेल भेज दिया गया। इधर महेंद्र की मां और पत्नी की परवरिश जैसे तैसे हो पा रही थी। महेंद्र की मां इस दौरान वाराणसी के समाजसेवी यतीन्द्र से मिकर आपबीती बताई और बेटे को जेल से रिहा कराने की गुहार लगाई। यतींद्र ने बीएचयू के प्रोफेसरों से कुछ आर्थिक मदद कराई। बाद में यतीन्द्र ने नेपाल के समाजसेवी नवलपुर के राम चन्द्र धितल से मिलकर जेल में बंद महेंद्र से मुलाकात की और उसे मदद का भरोसा दिया। यतीन्द्र अपने साथ महेंद्र की मां को लेकर नेपाल पहुँचे। तीन दिन की विधिक प्रक्रिया के बाद महेंद्र जेल से रिहा हो गया। जेल के बाहर आने पर महेंद्र की वृद्ध माँ बेटे को गले लगाकर रोने लगी। नेपाल से वाराणसी जाते समय स्थानीय कसबे के युवाओं को इस प्रकरण की भनक लग गई। कसबे के युवा समाजसेवी दीपक गुप्ता डायमंड, संतोष राजभर, अमर सोनकर, मिथिलेश रावत, विक्रम सिंह, विजय चौरसिया ,आनंद गुप्ता और शिवम कश्यप आदि महेंद्र का स्वागत किया और समाजसेवी यतींद्र को साधुवाद दिया।