11 जनवरी से लोकल और लंबी रूटों पर मऊ और दोहरीघाट डिपो की बसों की संख्या कम होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। मऊ डिपो की 37 और दोहरीघाट डिपो की 26 बसें महाकुंभ में लगाई जाएंगी।
जरूरत पड़ने पर अनुबंधित बसों को भी शामिल करने की बात कही जा रही है। हालांकि रोडवेज अधिकारियों का दावा है कि अन्य रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित नहीं हो इसके लिए नई बसें मिलेंगी।
फिलहाल बसों के जाने से लखनऊ, गोरखपुर, शाहगंज, बहराइच रूट पर जाने वाली मऊ डिपो की रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित हो सकता है। लोकल रूट जैसे मऊ-मझवारा-बलिया, मऊ-घोसी-नदवासराय-लखनऊ, मऊ-कोइरियापार-लखनऊ, मऊ-मझवारा-मधुबन आदि लोकल रूटों पर भी संचालन प्रभावित हो सकता है। मऊ डिपो के बेड़े में 60 बसें हैं, इनमें से 10 अनुबंधित और 50 निगम की बसें हैं। वहीं, दोहरीघाट डिपो में 55 बसें हैं, इनमें से दो अनुबंधित और 53 निगम की हैं। दोहरीघाट डिपो से 37 बसों का प्रपोजल मुख्यालय से भेजा गया है, लेकिन अभी 26 बसें और उनके लिए चालक परिचालकों की सूची भेजी गई है।
इस संबंध में मऊ डिपो के एआरएम हरिशंकर पांडेय और दोहरीघाट के एआरएम एसके मिश्रा ने बताया कि लोकल कुछ रूटों पर बसों की संख्या कम होगी, लेकिन संचालन प्रभावित नहीं होगा। दोहरीघाट की बसें, मधुबन, अमिला, घोसी, बड़हलगंज आदि लोकल रूटों से होते हुए गुजरेंगी, ताकि उन रूटों से सफर करने वालों की यात्रा प्रभावित नहीं होगी। बताया कि महाकुंभ से पहले ही नई रोडवेज बसें मिलने वाली हैं।