मदरसे की जांच करते जिला अल्पसंख्यक अधिकारी।
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मदरसा समसुल उलूम निस्वां करीमुद्दीनपुर घोसी का जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन ने बुधवार को निरीक्षण किया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा में पठन पाठन से लेकर छात्रावास में रहने वाली छात्राओं के बारे में जानकारी हासिल किया। उन्होंने प्रभारी प्रधानाचार्या महजबीं के साथ मुख्य मदरसे के प्रिंसिपल मुमताज अहमद से हॉस्टल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के विषय में जानकारी लेने के साथ दाइयों से कार्य और आने जाने के समय के बारे में पूछताछ किया।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मदरसा समसुल उलूम निस्वा करीमुद्दीनपुर में 11 बजे पहुंचे। उन्होंने वहां पठन पाठन की स्थिति के बारे में जानकारी ली। छात्रावास में खाना बनाने वाली दाइयों से मदरसे में आने जाने का समय जाना। इसके बाद प्रभारी प्रधानाचार्या महजबी से छात्राओं के विषय में जानकारी हासिल किया। उन्होंने निर्देश दिया कि मदरसा अनुशासित ढंग से नियमित रूप से चलना चाहिए और छात्राओं को कोई परेशानी न होनी चाहिए। प्रभारी प्रिसिंपल बताया गया कि हॉस्टल में पढ़ने वाली 600 में से मात्र 14 छात्राएं ही हैं।
उन्हें बताया गया कि बकरीद के चलते अभी छात्राओं की संख्या काफी कम है। छात्रा के साथ दुष्कर्म के मुकदमे के बाद मदरसे में छात्राओं की संख्या में काफी कमी आई है। इसके बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा समसुल उलूम का भी निरीक्षण किया। यहां स्थानीय विद्यार्थियों की संख्या अच्छी रही। यहां हॉस्टल में पढ़ने वाले 280 के सापेक्ष में 150 छात्रा थीं। इस अवसर पर मदरसा समसुल उलूम और निस्वां दोनों के शिक्षक, कर्मचारी मौजूद रहे। इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन ने बताया कि रूटीन निरीक्षण के तहत समसुल उलूम निस्वां के साथ मुख्य मदरसे का निरीक्षण किया गया।