नगर क्षेत्र के डीएवी इंटर कालेज में यूपी बोर्ड की कापियां जांचने के दौरान वहां निरीक्षण करते प्रधानाचार्य देवभाष्कर तिवारी।
यूपी बोर्ड परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य शुरू होने के दूसरे दिन गुरुवार को शत प्रतिशत परीक्षक नहीं आए। लगभग 60 प्रतिशत परीक्षकों के नदारद रहने से मूल्यांकन कार्य प्रभावित रहा। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विनोद कुमार राय ने अनुपस्थित परीक्षकों का वेतन काटने सहित विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
छह संकलन केंदों पर 9.32 लाख कापियों को जांचने के लिए 2495 परीक्षकों की तैनाती की गई है। परीक्षकों के लगातार अनुपस्थित रहने से मूल्यांकन पर असर पड़ने की आशंका प्रबल हो गई है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो मूल्यांकन कार्य शुरू होने के दूसरे दिन लगभग 60 फीसदी परीक्षक गैरहाजिर रहे। नगर स्थित डीएवी इंटर कालेज में मूूल्यांकन के लिए 464 परीक्षकों की तैनाती की गई है, लेकिन 32 प्रतिशत परीक्षक कापी जांचने आए। प्रधानाचार्य देव भाष्कर तिवारी ने बताया कि 4200 कापियां की जांची जा सकी। जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजा गया है।
इसी तरह शहीद इंटर कालेज मधुबन ने प्रधानाचार्य योगेंद्र सिंह ने बताया कि तकरीबन 50 प्रतिशत परीक्षक अनुपस्थित रहे। विशेषज्ञों की मानें तो परीक्षकों की अनुपस्थिति की यही स्थिति रही तो मूल्यांकन करने की निर्धारित समय सीमा के अंदर मूल्यांकन कार्य होना संभव नहीं होगा। डीआईओएस डॉ. विनोद कुमार राय का कहना है कि अनुपस्थित परीक्षकों का वेतन काटने सहित विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश दे दिया गया है।