विद्यालय पुरस्कार योजना के तहत जिले में सर्वश्रेष्ठ विद्यालय के चयन के लिए विभाग की ओर से गठित तीन सदस्यीय टीम के निर्णय पर सवाल उठने लगा है। शिक्षकों ने सर्वश्रेष्ठ विद्यालय के चयन में टीम पर मानक की अनदेखी करने सहित बीएसए पर कई गंभीर आरोप लगाया है। कहा है कि नामित विद्यालय मानक पर खरे नहीं उतरते अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो हम छह अप्रैल को बीएसए कार्यालय पर धरना देंगे।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। विद्यालयों में बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन, ठहराव तथा परिवेश में सुधार के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के लिए विभाग की ओर से वर्ष 2015-16 में विद्यालय पुरस्कार योजना शुरू की गई है। उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कृष्णानंद राय का कहना है कि टीम द्वारा नामित विद्यालय मानक पर कहीं से खरा नहीं उतरता है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा जानबूझकर शासनादेश का उल्लंघन किया गया है। टीम द्वारा चयनित विद्यालय को निरस्त कर सर्वश्रेष्ठ विद्यालय का चयन किया जाए। अन्यथा शिक्षक छह अप्रैल को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार का कहना है कि मानक को पूरा करने वाले विद्यालय का ही चयन किया गया है।