मऊ। विशेष न्यायाधीश एससी/ एसटी एक्ट हर्ष अग्रवाल ने सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ताजोपुर गांव में जमीन पर कब्जेदारी को लेकर 20 वर्ष पूर्व हुए जातिय संघर्ष में दोनों पक्षों के नामजद कुल 74 आरोपियों में कुल 59 लोगों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। इसमें एक पक्ष के 33 तथा दूसरे पक्ष के 26 लोग शामिल हैं। वहीं एक पक्ष के 10 तथा दूसरी पक्ष के आठ लोगों की दौरान मुकदमा मौत हो जाने के चलते उनके विरूद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।
अभियोजन के अनुसार 13 अगस्त 2003 की सुबह आठ बजे ताजोपुर गांव में जमीन पर कब्जेदारी को लेकर जातिय संघर्ष हुआ था। इस दौरान चले ईंट-पत्थर और असलहे से दोनों पक्षों के काफी लोगों को चोटें आई थीं। इसमें एक पक्ष के रामू राम की तहरीर पर जयनाथ सिंह सहित 31 लोगों को नामजद किया गया। वहीं दूसरे पक्ष के जयनाथ सिंह की तहरीर पर रामबदन राम सहित 43 लोगों को नामजद किया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर बाद विवेचना एक पक्ष के 43 तथा दूसरे पक्ष के 31 लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर एक पक्ष से 36 गवाहों को पेश किया। वहीं दूसरे पक्ष से छह गवाहों को पेश किया गया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद एक पक्ष के 33 तथा दूसरे पक्ष के 26 लोगों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं एक पक्ष के 10 तथा दूसरे पक्ष के आठ लोगों की दौरान विचारण मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्रवाई समाप्त कर दी गई थी।