मऊ। जिले में कोरोना संक्रमण के रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को पांच दिवसीय विशेष अभियान शुरू कर दिया। सर्वेक्षण अभियान के पहले दिन ही 589 टीमों ने घरों पर पहुंचकर लोगों को कोरोना टीकाकरण के प्रति जागरूक किया। इस दौरान टीम के सदस्यों ने बुुखार, सर्दी, जुकाम से ग्रसित मरीजों को चिह्नित कर उन्हें दवा देने के साथ कोरोना टीकाकरण के प्रति जागरूक किया।
सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि सोमवार से पांच दिवसीय सर्वे अभियान विभाग ने शुरू किया है। इसके तहत चारों तहसील के नौ ब्लाकों में गठित दो सदस्यीय 589 टीम घर घर दस्तक देकर कोरोना टीके से वंचित लोगों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण के प्रति जागरूक करेगी। बोले कि इसके लिए हर पांच टीम की मानीटरिंग के लिए एक सुपरवाइजर यानी पूरे जिले में 115 सुपरवाइजरों को तैनात किया गया है।
वहीं सर्वे अभियान के मानीटरिंग की पूरी जिम्मेदार जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. श्रवण कुमार की है। बताया कि पांच दिनों तक चलने वाले अभियान के पहले दिन टीम ने 65,998 घरों का सर्वे किया। टीम ने इस दौरान 746 मरीजों को चिहिन्त किया। टीम ने ऐसे बच्चे जिनकी उम्र 2 वर्ष हो और बच्चों को लगने वाले टीके से वंचित हो ऐसे बच्चों के साथ गर्भवति महिलाओं को भी चिहिन्त किया गया, जिन्हें टीका नहीं लगा है। इसके अलावा 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्गो को टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
बिना टीका लगे आया प्रमाण पत्र
सूरजपुर। कोविड टीकाकरण जागरूकता के बीच स्वास्थ विभाग का एक और हैरत अंगेज कारनामा उजागर हुआ है। दोहरीघाट ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा सिकड़ीकोल पूर्वा के सेमरा की रहने वाली अराधना पत्नी अभिनाद यादव उर्फ गुड्डू ने कोविड टीका लगवाने के लिए ऑनलाइन रजिस्टेशन किया था। टीकाकरण के लिए बीते माह 21 अक्टूबर का दिन मिला था। संबंधित तिथि को बीमार हो जाने के कारण अराधना टीका नहीं लगवा पाई। लेकिन वैक्सीन लगवाने का मोबाइल पर प्रमाणपत्र आ गया। कोविशील्ड टीका व लगाने वाले स्वास्थकर्मी का नाम रीता देवी एवं दूसरी खुराक 13 जनवरी से 10 फ़रवरी 2022 प्रमाण पत्र में अंकित है। यह देखकर अभिनाद आश्चर्यचकित रह गये। इनके पति अभिनाद ‘गुड्डू’ ने बताया कि ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब पत्नी को वैक्सीन कैसे लगेगा। वहीं इस संबंध में जिला प्रतीरक्षण अधिकारी डॉ. बीके यादव ने बताया कि इस संबंध में जानकारी ली जाएगी।