नाजोपट्टी खैराबाद स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन पर रविवार को एक सत्संग का आयोजन किया गया। जिसमें महात्मा ने सुखी जीवन जीने के बारे में प्रवचन दिया।
सत्संग में महात्मा रामप्यारे ने कहा कि 84 लाख योनि में भटकने के बाद मनुष्य जीवन की प्राप्ति होती है। मनुष्य जीवन बड़े जतन के बाद मिलता है। मनुष्य को अपने जीवन में मुक्ति के लिए सत्कर्म करना करना चाहिए। लेकिन स्वार्थवश मनुष्य राह से भटक जाता है और माया- मोह के जंजाल में पड़ कर अपने समय को नष्ट कर देता है। अंत समय में मनुष्य को ईश्वर की याद आती है। मनुष्य जीवन में सुख व दु:ख दोनों आता है। दोनों ही परिस्थितियों में मनुष्य को धैर्य रखना चाहिए। इस मौके पर लालू, रामाश्रय कुमार, राहुल कुमार, सुदर्शन प्रसाद, कलावती, सुशीला आदि मौजूद रहे।