रोडवेज बसों में टिकट काटने वाली मशीन (ईटीएम) की 5 साल की गारंटी मिली थी। आधुनिक तकनीक से लैस इन मशीनों से यात्रियों और परिचालकों को कई सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन बीते 12 महीने में 60 ईटीएम की बैटरी और डिस्प्ले खराब हुए।
खराब मशीनों को मरम्मत के लिए लखनऊ भेजा गया था, जहां से आने में तीन दिन लगे। इनमें 10 फीसदी, यानी छह मशीनों में पांच से अधिक बार खराबी आई थी। नए टेंडर के तहत 5 साल की गारंटी के साथ जून 2023 में नई ईटीएम मिली थीं।
वर्तमान में मऊ डिपो के बेड़े में 73 बसें हैं। इनमें टिकट काटने के लिए 91 ईटीएम हैं। मशीन 1.30 घंटे में फुल चार्ज हो जाती है और एक रोल पेपर में 150 टिकट बनाती है।
ईटीएम मशीनों के उपयोग से रोडवेज संचालन में कई सकारात्मक बदलाव आए हैं। मशीन से टिकट जारी होने के कारण किराए में गड़बड़ी की संभावना कम हो गई है। हर टिकट का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होता है।
मैन्युअल टिकटिंग की तुलना में ईटीएम से तेजी से टिकट जारी होता है, जिससे यात्रियों का समय बचता है। सभी लेनदेन का डेटा सुरक्षित रहता है, जिससे विभाग को आय-व्यय का सही आकलन करने में मदद मिलती है।
मशीन से दैनिक, साप्ताहिक और मासिक रिपोर्ट आसानी से तैयार की जा सकती है। नकदी का सही हिसाब रहता है और गड़बड़ी की गुंजाइश कम होती है। एक रोल पेपर में करीब 150 टिकट बनते हैं, जिससे कागज की खपत नियंत्रित रहती है।
इलेक्ट्रिक मशीनों में खराबी सामान्य बात है। मऊ डिपो में बसों की तुलना में 18 अधिक ईटीएम उपलब्ध हैं। एक मशीन मरम्मत के लिए भेजने पर दूसरे से काम होता है।
-गौतम कुमार गुप्ता, एआरएम मऊ