जिला महिला अस्पताल के कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिल रहा है। इस अस्पताल की प्रभारी सीएमएस और यहां तैनात कनिष्ठ लिपिक के बीच हुए विवाद से डाक्टरों और कर्मचारियों का वेतन दो महीने तक लटका रहा। इसके बाद प्रभारी सीएमएस का तबादला बलिया जनपद के लिए हो गया लेकिन किसी सीएमएस की तैनाती नहीं की गई।
जिला महिला अस्पताल में सीएमएस सहित आठ महिला चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं लेकिन यहां पर चार चिकित्सक तैनात हैं। सीएमएस डा. किरन कला के स्थानांतरण के बाद से यहां कार्यरत वरिष्ठ चिकित्सिक डा. माधुरी सिंह को प्रभारी सीएमएस बनाया गया। सीएमएस का चार्ज पाते ही डा. माधुरी सिंह का वरिष्ठ लिपिक मुकेश भारद्वाज से विवाद हो गया। इस बीच एक कनिष्ठ लिपिक विनोद ने यहां कार्यभार ग्रहण किया। लेकिन कुछ महीनों बाद डा. माधुरी की कनिष्ठ लिपिक विनोद से भी ठन गई। कनिष्ठ लिपिक पर अस्पताल के कई सामानों की हेराफेरी का आरोप लगा उसका कमरा प्रभारी सीएमएस ने सील करा दिया। इस विवाद में कर्मचारियों का वेतन दो माह तक लटका रह गया। इसके बाद एक अन्य कनिष्ठ लिपिक ने यहां कार्यभार ग्रहण किया। कर्मचारियों को कोरे आश्वासन देकर देकर प्रभारी सीएमएस ने काफी समय बिता दिया। इस बीच प्रभारी सीएमएस का तबादला बलिया जिले के लिए हो गया। इधर डा. माधुरी 22 मई 2018 को वरिष्ठ चिकित्सक डा. आरके गुप्ता को चार्ज देकर 47 दिन के अवकाश पर चली गईं। इधर शासन से किसी नये सीएमएस की तैनाती भी नहीं हुई। कर्मचारियों के बढ़ते दबाव पर प्रभारी सीएमएस डा. आरके गुप्ता ने वरिष्ठ कोषाधिकारी से मिलकर वेतन बिल पास करने का अनुरोध किया। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने उन्हें नियमों का हवाला देते हुए मंडलीय अपर निदेशक आजमगढ़ से इस बात वित्तीय अधिकार दिए जाने संबंधी आदेश उपलब्ध कराने को कहा। डा. आरके गुप्ता ने अपर निदेशक से मिलकर कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत करते हुए वित्तीय अधिकार दिए जाने का अनुरोध किया लेकिर एडी ने उन्हें टरका दिया। उधर, वेतन नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। उएधर मंडलीय अपर निदेशक डा. एनएल यादव का कहना है कि जल्दी ही इस समस्या का निदान कर दिया जाएगा।