रजनीकांत पांडेय
मऊ। युवाओं में शुगर-हाइपरटेंशन की बीमारी का ग्राफ भी लगातार समस्या बढ़ी है, एनसीडी क्लीनिक के आंकड़े में बीते दिसंबर/जनवरी माह के 62 दिन में 3445 मरीज पहुंचे, इसमें केवल चार सौ मरीज मोटापा, बीपी या दूसरी बीमारियों के थे जिसमें 90 फीसदी शुगर और हाइपरटेंशन के मरीजों की थी।
चौकाने वाली बात है कि इसमें दस फीसदी युवा वर्ग ऐसे थे जो कि कई माह से शुगर और हाइपरटेंशन बीमारी के जद में थे लेकिन जागरूकता के अभाव में उन्हें अपनी इस बीमारी का पता ही नहीं था। एनसीडी क्लीनिक में बीते आठ माह में 6 हजार से ज्यादा शुगर के नए मरीजों की पहचान की गई है, जबकि चार हजार से ज्यादा ब्लड प्रेशर और हाईपरटेंशन के मरीजों की। इसमें 40 फीसदी युवा हैं। बीते वर्ष की तुलना में शुगर के 15 फीसदी तो हाइपरटेंशन 5 फीसदी से ज्यादा मरीज बढ़े हैं।
नॉन कम्युनिकेबल डिजीज क्लीनिक के आंकड़े बताते हैं कि बीते दिसंबर माह में 1993 मरीज पहुंचे, इसमें 1026 पुरुष और 967 महिला थी। शुगर के 487 पुरुष तो 387 महिला थी। वहीं हाइपरटेंशन मरीजों की बात करें तो यह 325 पुरुषों में तो 367 महिलाओं में मिला। यानी 1993 मरीजों में केवल 507 मरीज इन दोनों बीमारियों की जद में नहीं होना मिले।
जनवरी माह में 2225 मरीजों 1096 पुरुष,1129 महिला मरीज थी। इसमें 427 पुरुष, 399 महिला मरीजों में शुगर की बीमारी होना मिली। जबकि 387 पुरुषों में हाइपरटेंशन तो 338 महिला में यह बीमारी मिली।
31 दिनों में पहुंचे 2225 मरीजों में से केवल 674 मरीज बीपी, मोटापा सहित अन्य बीमारियों से ग्रसित मिले। आंकड़े बताते है कि बीते पांच माह में 12 हजार से ज्यादा मरीज जांच कराने पहुंचे, इसमें 6022 लोग मधुमेह से पीड़ित मिले। इसमें 30-35 से 60 वर्ष के 90 फीसदी मरीज हैं।
जबकि 20 से 35 वर्ष के मरीजों का ग्राफ दस फीसदी है। इसमें पुरुषों की 3046 और महिलाओं की संख्या 2976 है। संवाद