नगर पालिका के वार्ड 12 निजामुद्दीनपुरा मोहल्ले में तालाब बेस्ड थीम पार्क के लिए एक बार फिर 1. 86 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इससे पहले 2018 में इस पार्क के 50 लाख का बजट स्वीकृत हुआ था। एक साल में बनने वाला पार्क 8 साल बाद भी बजट के अभाव में अधूरा है। अभी तक पार्क का तीस फीसदी ही काम हुआ है। यह नगर पालिका का ड्रीम प्रोजेक्ट है लेकिन अब तक इसको लेकर जिम्मेदार उदासीन है। यह पार्क नगर के बीचोबीच बन रहा है।
ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि इस पार्क का कार्य बजट के अभाव में अधर में था। इसके लिए 1. 86 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। एक साल के अंदर पार्क का काम पूरा कराया जाएगा। इसमें बुजर्गो के लिए योगा सेंटर, ओपन जिम और बच्चों के लिए झूले की व्यवस्था होगी।बताया कि इसके लिए नगर पालिका की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। ..........
दो बार में बजट खपाया, नतीजा फिर भी रहा शून्य
मऊ। नगर के वार्ड-12 निजामुद्दीनपुरा में डेढ़ एकड़ में 2018 से तालाब बेस्ड थीम पार्क बन रहा है। आठ साल बाद भी अब तक पूरा नहीं हो सका।वर्ष 2018 से यहां अमृत योजना के तहत 55 लाख की लागत से तालाब बेस्ड थीम पार्क में केवल चहारदीवारी और स्ट्रीट लाइट और गेट का कार्य ही किया गया। दूसरे चरण में तालाब के चारों और पाथ-वे बनाया गया। पाथवे कई जगहों पर टूट चुका है।
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मंडल का पहला होगा तालाब बेस्ड पार्क
मऊ।नगर पालिका की बोर्ड बैठक में खाली जगह पर वाटर पार्क बनाए जाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी। उम्मीद जगी कि नगर के बीचोबीच जगह होने से वाटर पार्क बनाए जाने से लोगों को बोटिंग तथा अन्य मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। नगरवासियों को नगर के बीचोबीच तालाब बेस्ड थीम पार्क पूरा होने से मार्निंग पाथवे के साथ योगा सेंटर की सुविधा मिलने की उम्मीद थी लेकिन आठ साल बीतने के बाद पार्क बनकर तैयार नहीं हुआ। मंडल का पहला तालाब बेस्ड पार्क होगा।
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पांच किलोमीटर दूर टहलने जाते हैं लोग
मऊ। स्थानीय निवासी विनोद पांडेय, राहुल, मदन, दीपक आदि ने बताया कि नगर विकास मंत्री को इस मामले को खुद संज्ञान लेना चाहिए। पार्क को पूरा कराने के लिए लोगों ने कई बार प्रदर्शन किया। आज भी पार्क अधूरा है। नगर के अंदर एक भी पार्क न होने से लोगों को टहलने के लिए पांच किमी दूर बलिया मोड स्थित स्टेडियम या रोज गार्डन जाना पड़ता है।
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पांच साल से अधूरा नौ तालाब
मऊ। नौ तालाबों के सुंदरीकरण की योजना पांच साल के बाद भी अधूरी है। नगर पालिका बरपुर मोहल्ले में दो तालाबों का सुंदरीकरण, रामपुर चकिया में, भटकुंआ पट्टी और प्रेमनगर चकिया में तालाबों का सुंदरीकरण होना था। इसी तरह से चकमेहंदी और, चंडीसागर के साथ सहादतपुरा में सुंदरीकरण होना था। पांच साल अधिक से समय बीतने के बाद भी इसमें से कोई भी कार्य पूरा नहीं हो सका है।