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मारपीट व मिलावट में 3 को सजा

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court - फोटो : PTI
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 मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश नागर ने मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और तोड़फोड़ के मामले में नामजद चार आरोपियों में दो को दोषी पाते हुए दो-दो वर्ष की सजा और 2250-2250 रुपये जुर्माना लगाया गया। अर्थदंड न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, दूसरे मामले में हल्दी में मिलावट के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए एक वर्ष की सजा के साथ ही दो हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के राजाराम का पुरा मुहल्ला निवासी अजय कुमार वर्मा पुत्र हीरालाल वर्मा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि 3 जून 2006 को जब वह कचहरी से घर गया तो आरोपी उसके मकान का दरवाजा तोड़कर घर में तोड़फोड़ कर रहे थे। विरोध करने पर उसे मारपीट कर घायल कर दी तथा जान से मारने की धमकी दिया। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना राजाराम का पूरा मुहल्ला निवासी जवाहिर पुत्र भगवान, हरिकृष्ण पुत्र  जवाहिर ,पन्ना पुत्र त्रिवेणी और पारस पुत्र चंद्रदेव के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद जवाहिर और हरिकृष्ण को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं पन्ना और पारस को दोषी पाते हुए दो-दो साल की सजा और 2250-2250 रुपये जुर्माना लागाया। वहीं अर्थदंड जमा हो जाने पर दो हजार रूपया बतौर क्षतिपूर्ति अजय कुमार वर्मा को देने का आदेश दिया।

दूसरे मामले में अभियोजन के अनुसार खाद्य निरीक्षक चंद्र किशोर ने सीजेएम कोर्ट में एक परिवाद दाखिल किया। इसमें दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के जमालपुर निवासी जावेद अहमद पुत्र अब्दुल बाकी को आरोपी बनाया। वादी का कथन था कि एक नवंबर 2016 को मिर्जाहादी पुरा के पास आरोपी की खाद्य पदार्थ की दुकान पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में हल्दी में अपमिश्रण का संदेह हुआ। नमूने की जांच पर वर्जित रंग लेट क्रोमेट से रंगा मिला। इस आधार पर आरोपी पर मुकदमा दाखिल हुआ। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी जावेद अहमद को खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए एक वर्ष की सजा और दो हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया।
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