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नदी के जलस्तर में घटाव के बाद भी टापू में तब्दील हैं 20 गांव

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दुबारी। घाघरा नदी के जलस्तर में घटाव के बाद भी देवारा इलाकों के लोगों को राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में सात सेमी का घटाव दर्ज किया गया है। टापू में तब्दील 20 गांवों के लोगों को नारकीय जीवन जीना पड़ रहा है। महीनों से गांवों के नदी के घेरे में रहने के बाद भी अभी तक प्रशासन की तरफ से पर्याप्त नाव की व्यववस्था नहीं की जा सकी है। वही 50 किमी एरिया में जलमग्न हजारों एकड़ फसलें नष्ट होने से पशुओं के चारा का संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसे में जान जोखिम में डालकर चारा लाने को विवश हैं।
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घाघरा नदी के जलस्तर में घटाव के बाद भी देवारा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। नदी के जलस्तर पर नजर डाला जाए तो सोमवार को नदी का जलस्तर 66.51 मीटर रहा। जबकि रविवार को 66.58 मीटर रहा। नदी के खतरा बिंदु से 20 सेमी ऊपर बहने से धर्मपुर नई बस्ती, जरलहवा, नकीहवा, बिंटोलिया, खैरा बिशुन का पुरा, बिंदर का पुरा, हाता, चौहानपुर, लीलहवा, बईरकंटा, भगत का पुरा, धुस, मनमन का पुरा, पब्बर का पुरा, दुबारी, नयी बस्ती, चक्की मुसाडोही, बरोहा, कुंवरपुरवा, गजियापुर छावनी, मोलनापुर, बलुआ, परसिया, जयराम गिरी, टाडी़, सुन्नर का पुरा आदि गांव महीनों से टापू में तब्दील हैं। यहां शासन-प्रशासन की तरफ से न तो पर्याप्त नाव की व्यवस्था की जा सकी है और न ही लोगों को जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री ही वितरित की जा सकी है। गांवों में काफी समय से बाढ़ का पानी जमा होने से लोगों को बंधों पर शरण लेकर खानाबदोश की जिंदगी जीना पड़ रहा है। सभी मुख्य मार्ग तथा संपर्क मार्ग डूबे रहने से आवागमन ठप है। 50 किमी से अधिक एरिया में जलमग्न हजारों एकड़ फसलें नष्ट होने से पशुओं के चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। किसान आर्थिक पैकेज देने की मांग कर रहे हैं। लेकिन शासन प्रशासन की तरफ से सुधि नहीं ली जा सकी है।
जलभराव से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा
दोहरीघाट। घाघरा के घटने का क्रम जारी होने से एक तरह जहां लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं कटान तेज होने की आशंका अभी भी बनी हुई है। कस्बे में पानी घटने से लोगो को थोड़ी राहत हुई है, लेकिन अभी भी तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी जमा होने से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। घाघरा के घटने से नगर सहित तटवर्ती इलाकों में कटान तेज होने की आशंका से लोग दहशत में है। हजारों एकड़ फसल नष्ट होने से अब आर्थिक पैकेज देने की मांग उठने लगी है। आजमगढ़ जिले के बदरहुआ बंधा से रिसाव के चलते जनपद के दर्जनो गावो में घुसे पानी के निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं हो सकी है। घाघरा का जलस्तर सोमवार को 70.60 मीटर रहा। रविवार को 70.70 मीटर था। जबकि नदी का खतरा बिंदु 69.90 मीटर है।
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