फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संक्रमित मरीज मिलने के 72 घंटे बाद भी नहीं हुआ सैनिटाइजेशन

विज्ञापन
विज्ञापन
मधुबन। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का प्रकोप अब गांवों में अधिक देखने को मिल रहा है। फतेहपुर मंडाव ब्लाक इससे अछूता नहीं है। इसके बावजूद गांव में इसको लेकर न तो निगरानी समिति और कर्मचारी सक्रिय नहीं हैं। ब्लाक क्षेत्र के गांवों में 72 घंटे में बीस संक्रमित मिल चुके हैं लेकिन अभी तक सैनिटाइजेशन नहीं कराया गया।
विज्ञापन

ब्लाक क्षेत्र में बृहस्पतिवार को 7, बुधवार को 7 जबकि मंगलवार को 2 मरीज यहां मिले थे। ये मरीज ब्लाक के अलग अलग गांवों के हैं लेकिन इन मरीजों को चिह्नित हुए 72 घंटे से अधिक बीत चुके हैं,लेकिन न तो इनके घर अथवा आस पास के इलाकों में सैनिटाइजेशन किया गया न ही इनके संपर्क में रहने वाले लोगों की जांच की गई है। इससे फतेहपुर मंडाव ब्लाक के जिम्मेदार कर्मचारियों अधिकारियों के साथ गांवों की निगरानी समिति के सदस्यों की सक्रियता पर सवाल उठता है। लोगों का कहना है कि इनकी यह लापरवाही पूरे ब्लाक के लोगों के लिए घातक साबित हो सकती है, ऐसे में संक्रमण का दायरा बढ़ जाने का खतरा लोगों को सता रहा है। फतेहपुर मांडव ब्लाक की निगरानी समिति की लापरवाही की बात करें तो ब्लाक के उतराई, कुतुबपुर, गंगउपुर, भेड़कुल सुल्तानपुर, उफरौली, गजियापुर, डुमरी सहित अन्य गांव इसका उदाहरण है। फतेहपुर मंडाव ब्लॉक में बीते 11 से14 मई के बीच 20 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। लेकिन रिपोर्ट आने के 72 घंटे बीतने केबाद भी न तो संक्रमित मरीजों के घरों और गांवों को सैनिटाइज कराया गया है। न ही मेडिकल टीम गांव पहुंचकर उसके संपर्क में आए लोगों की जांच की। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गांव की निगरानी समिति के सदस्य इन मरीजों के बारे में जानने के बाद सैनिटाइज तथा जांच कराने को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
ब्लाक के सभी गांवों में सैनिटाइजेेशन अभियान चलाकर किया जा रहा है। जिन गांवों से शिकायत मिल रही है। वहां त्वरित टीम भेजकर सैनिटाइजेेशन का कार्य कराया जा रहा है।-विजय प्रताप सिंह, खंड विकास अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें