मऊ। कोविड अस्पताल के रूप में चिह्नित कुछ निजी अस्पतालों में कोरोना मरीज के इलाज के लिए मनमानी वसूली की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने शनिवार को मृत हो चुके मरीज के परिवार को 23 हजार रुपये वापस कराया। डीएम ने चेतावनी दी, कि यह मामला स्वत: संज्ञान में लिया गया है, लेकिन यदि कोई शिकायत मिली तो संबंधित अस्पताल के विरुद्घ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए कोविड अस्पताल में तब्दील निजी अस्पतालों की मनमानी आखिरकार प्रशासन के सामने शनिवार को उजागर हो गई। डीएम ने मामले को अमर उजाला में 19 अप्रैल के अंक में प्रकाशित खबर और शारदा नारायण अस्पताल के द्वारा लिए गए रुपये की रिसिप्ट को देखा तो अवाक हो गए। उन्होंने तत्काल सिटी मजिस्ट्रेट और सीएमओ के नेतृत्व में टीम गठित कर मामले की जांच करने और पीड़ित परिवार को अतिरिक्त रुपया वापस कराने का आदेश दिया। डीएम के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट और सीएमओ ने इसकी जांच कर मरीज के परिवार के सदस्य को बुलाकर 23 हजार 600 रुपया वापस कराया। इस दौरान मर चुके मरीज के भाई ने प्रशासन के सामने अस्पताल के क्रिया कलापों की कलाई को खोलकर रख दिया। मरीज के रिश्तेेदार रविकांत उपाध्याय ने 23 हजार 600 रुपया लिया। रविकांत से सिटी मजिस्ट्रेट ने हस्ताक्षर कराकर रुपया दिया। बताते चले कोरोना संक्रमण काल में प्राइवेट अस्पतालों की मनमारी को अमर उजाला ने 29 अप्रैल के अंक में प्रकाशित किया था। जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने बताया कि यदि कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज है और उपचार के नाम पर अस्पताल मनमानी कर रुपया ऐठता है, तो मरीज या उसके परिवार के सदस्य इसकी शिकायत रसीद के साथ सीडीओ से करें। क्योंकि इसके लिए सीडीओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है, पीड़ित की सुनवाई कर संबंधित अस्पताल के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला द्वारा इस समस्या को पहले कर चुका था प्रकाशित
मऊ। बताते चले कि कोविड निजी अस्पतालों की मनमानी को रोकने के लिए शासन ने राशि निर्धारित करते हुए इसकी सूची स्वास्थ्य विभाग को भेजी थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की मिलीभगत कहे या लापरवाही यह सूची किसी भी कोविड निजी अस्पताल पर चस्पा नहीं की गई।जिसके फायदा इन निजी अस्पतालों द्वारा जमकर उठाया गया। इस संबंध में लोगों से शिकायत मिलने पर अमर उजाला द्वारा 29 अप्रैल को निजी अस्पताल कर रहे मनमानी वसूली शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया था।