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टीबी के 112 नए मरीज मिले

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जनपद में टीबी खोजो अभियान में 112 टीबी के नए मरीजों की पहचान हुई है। अभियान के तहत मिले नए मरीजों को मिलाकर जिले में टीबी के मरीजों की संख्या 1701 पहुंच गईहै। नए मरीजों की जांच करने के साथ विभाग द्वारा उनके खानपान में आने वाले खर्च के लिए उन्हें प्रति पांच सौ रुपए भी मुहैया कराया जा रहा है। विभाग द्वारा टीबी खोजो अभियान के दौरान दस दिनों तक जिले की आबादी के 10 प्रतिशत लोगों के दो लाख से ज्यादा लोगों की जांच की गई थी।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा 11 से 29 जून तक टीबी खोजो अभियान के तहत गठित 88 टीम द्वारा दो लाख 38 हजार 443 लोगों की जांच की गई थी। टीम ने इस दौरान संदिग्ध 1410 मरीजों की स्लाइड बनाई थी। जिसमें 112 मरीजों में टीबी मिली। इस दौरान विभाग ने 66 लोगों में टीबी की पुष्टी बलगम जबकि 44 की पुष्टी एक्सरे रिपोर्ट के माध्यम से की। अभियान के तहत मिले 112 मरीजों को मिलाकर जिले में अब मरीजों की कुल संख्या 1701 पहुंच गई है। जिसमें 120 मरीज गंभीर एमडीआर और 25 मरीज अतिगंभीर एक्सडीआर की श्रेणी में है। अभियान के तहत चिह्नित मरीजों की जांच के बाद उनकी दवाइंया शुरू कराने के साथ विभाग द्वारा उनके खानपान में आने वाले खर्च के लिए पांच सौ रुपए भी मुहैया कराया गया।
जिला क्षय रोग अधिकारी एसपी अग्रवाल ने बताया कि अभियान के जिले के शहरी/नगरीय क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण इलाकों एवं घनी बस्तियों में टीबी रोगियों को तलाश की गई। 88 टीमों ने 10 दिनों तक 2 लाख से ज्यादा लोगों से स्क्रीनिंग की।
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इनसेट
बलगम के साथ एक्सरे से हो रही जांच
मऊ। जिला क्षय अधिकारी ने बताया कि टीबी के मरीजों की जांच के लिए बलगम और एक्सरे जांच से नए मरीजों को पता लगाया जा रहा है। जिन मरीजों द्वारा बलगम न निकलने या दूसरी समस्या से जांच नहीं हो पाता है, ऐसे में विभाग द्वारा संदिग्ध मरीज के फेफड़े का पानी, पेट का पानी, किसी फोड़ा को पस या दूसरे चीज से पता लगाया जा रहा है। अभियान के तहत 44 मरीज एक्सरे रिपोर्ट के माध्यम से मिले हैं।
इनसेट
टीबी गोल्ड जांच से किया इंकार
मऊ। जिलाक्षय अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में टीबी के मरीजों की जांच सीबी नॉट मशीन से की जा रही है। सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बाद जिले में किसी पैथालॉजी या निजी अस्पतालों द्वारा टीबी गोल्ड जांच नहीं की जा रही है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के मरीजों को खोजने के लिए समाजसेवी संस्थाओं की मदद से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा हैं।
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