बाल निकेतन स्थित रेलवे क्रासिंग पर प्रतिदिन जाम लगने से व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। व्यापारियों के मुताबिक दिन में लगभग 50 से अधिक बार जाम लगने से बाजार के रिटेल कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। शासन प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनवाए जाने का आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है। व्यापारी ओवरब्रिज बनाए जाने की मांग को लेकर आंदोलन की रुपरेखा तय करने में जुट गए हैं।
मऊ नगर में सिंधी कालोनी, सदर बाजार, चौक, गोला बाजार सहित तमाम बाजार बाल निकेत क्रासिंग के पार है। यहां थोक तथा रिटेलर कारोबारी भारी संख्या में हैं। बाहर के व्यापारियों का आना जाना लगा रहता है। रेलवे में ट्रेनों का ट्रैफिक तेजी से बढ़ा है। ऐसे में दिन में 50 से अधिक बार जाम लगने से लोग जाम में फंस जा रहे हैं। ऐसे में जाम में फंसने की डर से क्रासिंग के पार बाजार जाने से कतरा रहे हैं। व्यापारियों की मानें तो कारोबार के सिलसिले में व्यापारियों को बार-बार आना जाना पड़ता है। लेकिन बार-बार जाम लग जाने से प्रतिदिन नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाहर माल भेजने के लिए क्रासिंग के पार लोडिंग कराने के चलते जहां लागत बढ़ जा रही है। वहीं कई दिन लग जाता है। माल देर से पहुंचने के चलते आर्डर कैंसिल हो जाते हैं। ओवरब्रिज बनाए जाने को लेकर व्यापारी आंदोलित हैं।
बाल निकेतन क्रासिंग पर दिन में लगभग 50 से अधिक बार जाम लगने के चलते बाजार का रिटेल उद्योग अंतिम सांस गिन रहा है। थोक कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
डॉ. रामगोपाल गुप्त जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
रेलवे क्रासिंग पर जाम लगने से ग्राहकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। ओवरब्रिज बनाए जाने में तकनीकी समस्याओं का अविलंब निस्तारण किया जाए।
गोपाल कृष्ण बरनवाल जिला महामंत्री उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल
क्रासिंग पर जाम लगने से बुनाई कारोबार पर विपरीत असर पड़ रहा है। स्थानीय सहित बाहर से आने वाले व्यापारी जाम में फंसने के भय से बाजार आने से कतरा रहे हें।
उमाशंकर ओमर जिलाध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार मंडल
क्रासिंग पर जाम लगने से बुनाई कारोबार पर विपरीत असर पड़ रहा है। क्रासिंग पर ओवरब्रिज बनाए जाने की मांग करने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है।
जमाल अर्पण व्यवसायी