तहसील बार एसोसिएशन के तत्वावधान में मंगलवार को तहसील परिसर में मंडलायुक्त आजमगढ़ के फरमान के विरोध में अधिवक्ताओं ने मंत्री जयहिंद सिंह के नेतृत्व में जुलुस निकाला। जो तहसील परिसर में आकर धरने के रूप में तब्दील हो गया। धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार श्रीप्रकाश गुप्ता को राज्यपाल को संबोधित मांगों का ज्ञापन सौपा गया।
वरिष्ठ अधिवक्ता कालिकादत्त पांडेय ने कहा कि बगैर अधिवक्ता के न्याय का स्वरुप संभव नहीं है। जब तक मंडलायुक्त का 18 मई के सर्कुलर वापस नही होता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। साथ ही मांग किया कि मंडलायुक्त का स्थान्तरण किया जाय। अध्यक्ष रामबदन यादव ने कहा कि कार्य वहिष्कार के समय बिभिन्न कोर्टों में लंबित पत्रावलियों में सभी कार्यवाहियों को जल्द से जल्द पूरी की जाय। जिनमे बहस पूरी हो गयी है, उनको निर्धारित समय मे सुनाया जाए। अधिवक्ता दिनेश कुमार ओझा और अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि पैमाइश, दाखिल खारिज और अमल दरामद में व्याप्त भ्रष्टाचार को खत्म करने के साथ भ्रष्ट कर्मचारियों, अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व बार मंत्री भुवेश श्रीवास्तव ने कहा कि पचास फीसदी न्यायालय रिक्त पड़े हुए हैं जिनपर भर्ती नहीं किया जा रहा है।
विरोध प्रदर्शन में विपुल राय, कालिका दत्त पांडेय, अखिलेश सिंह, रमेश श्रीवास्तव, अरविन्द सिंह, बृजेश पांडेय, अहमदुल्लाह, देवेंद्र पांडेय, ज्ञानप्रकाश, राजेंद्र यादव, अजय सिंह, बृजेश राय, त्रिभुवन, महेंद्र सिंह, मुमताज अहमद सहित बड़ी संख्या में मौजूद रहे।