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UP: पेट्रोलियम की तलाश को मऊ पहुंची 1800 सदस्यीय टीम, शहरोज गांव में खोदाई शुरू; 15 साल पहले हुआ था सर्वे

Thu, 04 Dec 2025 05:29 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।

सार

गांव के 80 से ज्यादा किसानों के खेत में खोदाई की जा रही है। बोरिंग के बाद विस्फोट कर जमीन के नीचे दो लेयर में नमूने लिए जाएंगे, जिसे परखने के लिए देहरादून प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
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शहरोज में खोदाई करते हुए। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Mau News: जिले के कोपागंज ब्लाक के शहरोज गांव में पेट्रोलियम की तलाश में ऑयल इंडिया की 1800 सदस्यों की टीम ने यहां खोदाई कार्य शुरू किया है। तमसा नदी किनारे बसे इस गांव में धरती की गहराई में खनिज तेल मिलने की संभावना जताया जा रहा है।

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इससे पहले ही कोपागंज ब्लाक के इंदारा में पेट्रोलियम को लेकर कवायद की गई थी। लेकिन इसमें दो माह बाद तेल न मिलने पर खोदाई का कार्य बंद कर दिया गया था। 15 वर्ष पूर्व इस क्षेत्र में पेट्रोलियम पदार्थ होने की संभावना जताई गई थी। उसी सर्वेक्षण के आधार पर कंपनी ने अब दोबारा वैज्ञानिक परीक्षण व गहराई में खोदाई का निर्णय लिया गया है।

कंपनी के कंपन सेक्शन इंचार्ज गौरव बेलवाल ने बताया कि बुधवार को विस्फोट आधारित तकनीक के जरिए खुदाई कार्य शुरू किया गया है। ऑयल इंडिया की कुल 1800 सदस्यीय टीम इस प्रोजेक्ट में जुटी है, जिसमें से पहले दिन लगभग 750 कर्मचारी खुदाई व परीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय रहे।
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बताया कि जिन खेतों में फसल लगी है, उसका मुआवजा भी दिया जाएगा। वहीं, बताया कि बीस दिन पहले सर्वे किया गया, जिसके बाद बुधवार को इसको लेकर टीम ने कार्य शुरू किया है। वहीं यह खोदाई पंद्रह साल पहले हुए सर्वे के आधार पर की गई है। 

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सोशल मीडिया पर भूकंप को लेकर होती रही चर्चा
सर्वे के बाद किसानों के खेतों में कार्य शुरू करने के दौरान 60 से लेकर 20 फीट तक गड्ढे खोदने के बाद इसमें विस्फोट किया गया था।इससे हुए कंपन को लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह का चर्चा होता रहा। हालांकि कुछ समय बाद स्थिति साफ होने पर इसे देखने के लिए ग्रामीणों में भीड़ लग गई। 

पहले तो लोग उत्सुकतावश यह जानने के लिए पहुंचे कि किसलिए खोदाई हो रही है। जब पता चला कि इस इलाके में प्राकृतिक तेल या गैस होने की संभावना है तो लोग बहुत खुश नजर आए। ग्रामीण संघर्ष मणि उपाध्याय ने कहा कि अगर प्राकृतिक तेल मिलता है तो बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं बबलू यादव ने बताया कि सभी लोगों में बहुत उत्सकुता है। अगर तेल मिलता है तो यहां के लोगों की तरक्की होगी।
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2013 में भी इंदारा में तेल का स्रोत लगाने को लेकर हुई थी कवायद
जिले में यह पहली कवायद नहीं है बल्कि वर्ष 2013 में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) को लेकर इंदारा में परियोजना की आधारशिला रखी गई थी और तेल-गैस के स्रोत का पता लगाने के लिए खोदाई का काम शुरू किया गया था। तत्कालीन सांसद दारा सिंह चौहान व ओएनजीसी के निदेशक नरेंद्र कुमार वर्मा ने सवा अरब की इस परियोजना का उद्घाटन किया था। उस समय इस परियोजना को लेकर सात साल बाद अंतिम मंजूरी मिली। यहां लगभग तीन हजार मीटर गहराई पर तेल व गैस का भंडार मिलने की संभावना जताया गया था।
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