जिले के धार्मिक स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। जिला प्रशासन ने नौ ब्लॉक के 18 धार्मिक स्थलों की सूची शासन को भेजी है। सूची में देवलास मंदिर के साथ घोसी का सीता कुंड भी शामिल है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
जिला प्रशासन की तरफ से शासन को जिन स्थलों की सूची भेजी गई है, उसमें मां वन देवी धाम, देवकली देवलास, चकजाफरी, बहदपुर कुटी, रानीपुर ब्लाक का अमिता साखनी कुटी, देई माई स्थान सोनिसा, रामवन कुटी, सीता कुंड कांझा शामिल हैं।
इसके अलावा बहरांव का पकड़ी बुजुर्ग का नईन देवी मंदिर, रतनपुरा का खालिसपुर आशा पूर्ण मंदिर, कोपागंज ब्लॉक का नौसेमर स्थित बारह दुअरिया मंदिर, दोहरीघाट का बेलौली सोनबरसा लक्ष्मण मंदिर, घोसी का हनुमान मंदिर, दुवारी का पीर बाबा स्थान, तिघरा का भगवती देवी मंदिर, मधुबन के बहादुरपुर का ब्रहास्थान, कटभरा शंकर का शिव मंदिर मर्यादपर का देईमाता स्थान, पहाड़ीपुर का काली मंदिर शामिल है।
मुहम्मदाबाद गोहना तहसील क्षेत्र का देवकली देवलास, करहां गुरादरी धाम और बरहदपुर के बाबा किशन दास मंदिर को पर्यटन स्थल बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। देवकली देवलास यहां एक सूर्य मंदिर है।
यहां स्कंध गुप्तकालीन मर्तियां मिलती हैं। यहां पर दीपावली के छठवें दिन बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। करहा गुरदारी धाम में बाबा धनश्याम दास मंदिर है। पूर्णिमा पर मेले का आयोजन होता है। इस मंदिर के ठीक सामने बने भव्य सरोवर का पानी कभी नहीं सूखता। मान्यता है कि झूठी कसमें खाने से लोग कतराते हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने की शासन की योजना है। इसके लिए सभी धार्मिक स्थलों की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
-प्रवीण मिश्रा, जिलाधिकारी मऊ