दुबारी (मऊ)। सरयू नदी से लगातार कटान होने के कारण बिंदटोलिया गांव के लोगों में दहशत है। नदी में हो रही लगातार कटान गांव के करीब बढ़ती जा रही है। लोग अपने घरों के गृहस्थी के सामान निकाल कर दूसरी जगह शरण ले रहे हैं। कटान से स्थानीय लोगों में दहशत है। लोग वहां से पलायन कर सुरक्षित स्थानों पर जा रहे हैं। लोगों में आक्रोश है कि कटान के बाद भी प्रशासन के लोग मौके पर नहीं पहुंचे।
सोमवार को धर्मपुर बिशुनपुर ग्राम पंचायत के बिंटोलिया गांव के 18 ग्रामीणों ने अपनी पक्के और कच्चे मकान खाली कर दिए। आठ कटान पीड़ितों ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में शरण लिया है। गांव के शेष कटान पीड़ित जहां तहां किसी तरह जीवन बिता रहे हैं। प्रशासन की ओर से इन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है। इन परिवारों को भोजन और अन्य व्यवस्था भगवान भरोसे है। बिंदटोलिया गांव के ग्रामीण दहशत में जिंदगी जी रहे हैं। कटान पीड़ित अपने अपने मकान को तोड़ कर कीमती समान निकालने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं।
कटान पीड़ितों ने अपने पालतू पशुओं को रिश्तेदारों के यहां पहुंचाने का जुगाड़ कर रहे हैं। पशुओं को रहने और चारा की दिक्कत हो रही है। बिंदटोलिया गांव के कटान पीड़ित यह बार बार कह रहे हैं कि इतनी परेशानी हम लोग झेल रहे हैं लेकिन प्रशासन यहां देखने तक नहीं आया यदि प्रशासन देखने आता तो हम सभी कटान पीड़ितों का हौसला थोड़ा थमता क्षेत्र के तमाम लोग सैकड़ों की संख्या में कटान देखने को आ रहे हैं लेकिन कोई प्रशासनिक अधिकारी अभी तक कटान पीड़ितों का हाल जानने नहीं आया।
नदी में कटान इतनी तेज है कि नदी ने गांव को तीन तरफ से घेर लिया है। कटान पीड़ित राम जीत बिंद रामदेव, भूपेन्द्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार, रवींद्र, अजय, गोरख, रामनिवास, रामाशंकर, हरिंद्र, महेंद्र, वीरेंद्र, राधेश्याम, चंद्रशेखर, लाली, सुराती देवी, नयी बस्ती निवासी मूस चौहान, रामायन चौहान, सुबास चौहान निकट के हाता पुरवे में रह रहे हैं।