दोहरीघाट। ब्लाक क्षेत्र के गोधनी गांव में आबादी की जमीन पर होमगार्ड द्वारा किए जा रहें अवैध अतिक्रमण का विरोध करने पर प्रधान पति सहित 13 लोगों के विरूद्घ शीला देवी पत्नी दुधनाथ ने रिपोर्ट दर्ज कराया। एससी/एसटी धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी होने पर प्रधान पति और उनके समर्थक गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में थाने पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालो की मांग थी, कि प्रधान पति सहित सभी के खिलाफ दर्ज किया गया मामला फर्जी है। जिसे अबिलंब वापस लिया जाए।
दोहरीघाट ब्लाक के गोधनी गांव में आबादी की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाकर कुछ लोगों ने होमगार्ड के द्वारा घेरी जा रही जमीन को अवैध बताया। इस दौरान गांव प्रधान प्रतिनिधि श्रीधर राय सहित अन्य ग्रामीणों ने इस निर्माण का विरोध किया। इस दौरान मामला थाने के बाद एसडीएम घोसी तक पहुंचा। एसडीएम सीएल सोनकर ने हस्तक्षेप करके मामले का हल निकाला। इस दौरान ग्रामीणों ने बीते आठ अप्रैल को होमगार्ड की तरफ से घेरी गई बाउंड्री को धराशायी कर दिया गया। इस पर होमगार्ड की पत्नी आशा देवी की तहरीर पर पुलिस ने दस अप्रैल को प्रधान पति श्रीधर राय सहित 13 के विरुद्घ एससी/एसटी सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। इसमें श्रीधर राय के अलावा गोधनी गांव निवासी रामकेश पुत्र बाल किसुन, प्रेम चंद पुत्र मंगरू, गामा पुत्र मंगरु, सत्येंद्र पुत्र रामकेश, रजई पुत्र सनवर, देवसरन पुत्र तूफानी, लालचंद्र पुत्र जयकरन, फूलचंद्र पुत्र जयकरन, हरेंद्र पुत्र बालेश्वर, शिवकरन पुत्र बालेश्वर, संदीप पुत्र गामा और संदीप पुत्र रजई को नामजद किया गया। इस बात की जानकारी होने पर गुरुवार को गांव के लोग थाने पर पहुंचकर धरना प्रदर्शन किए। इस दौरान लोगों का आरोप था कि पुलिस प्रशासन ने फर्जी मुकदमा दर्ज किया है। इसको तत्काल वापस लिया जाए। संपर्क करने पर सीओ घोसी नंदलाल ने बताया कि की दीवार ढहाए जाने पर होमगार्ड की पत्नी आशा देवी डीएम के सामने पेश हुई। डीएम के आदेश पर मामले कि रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन्होने बताया कि गुरुवार को गोधनी गांव के कुछ महिला पुरुष थाने पर पहुंचे थे, उनकी मांग थी कि उनकी भी रिपोर्ट दर्ज की जाए। सीओ ने थाने पर धरना प्रदर्शन होने से इंकार किया।