इलहाबाद बैंक की शाखा से रुपया निकलने से नाराज उपभोक्ता शुक्रवार को बैंक पर पहुंचकर हंगामा किए। इस दौरान प्रदर्शन करते हुए उपभोक्ताओं ने बैंक कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग किया। उपभोक्ताओं ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप है कि इस तरह का गोलमाल बैंक कर्मचारियों की मिली भगत से ही किया जा सकता है। घोसी कोतवाली पुलिस ने प्रदर्शन करने वालों की तहरीर ले लिया। लेकिन देर शाम तक मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी।
घोसी कोतवाली पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इलाहाबाद बैंक के खातेदार बृजेश गुप्ता के खाते से दो लाख रुपया, लक्ष्मीना के खाते सेसत्तर हजार रुपया, मरछू राजभर के खाते से पचास हजार, रामसेवक के खाते से चालीस हजार रुपये, चंद्रकेतु के खाते से पचास हजार रुपये , दुर्गावती के खाते से पच्चीस हजार रुपये, दीपचंद का बाईस हजार, सुमन का एक लाख अठ्ठावन हजार रुपये , हरिनाथ का छ: हजार रुपये , दसवती के खाते से नौ हजार रुपये बगैर किसी सूचना के उनके खाते से निकाल लिया गया। खाते से रुपया निकलने के बाद उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी हुई। इसको लेकर उपभोक्ता शुक्रवार को बैंक पहुंचकर हंगामा किए। साथ ही बैंक के कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग करते हुुए पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपा। बताते चले इससे पूर्व इसी बैंक से कई उपभोक्ताओं के खाते से आठ लाख रुपया निकाला गया था। इस मामले की रिपोर्ट 26 नवंबर 2018 को घोसी कोतवाली में दर्ज कराई गई। यह मामला अभी भी जांच के जद में है। इसका खुलासा हुआ नहीं कि एक और नया गोलमाल का मामला सामने आ गया। घोसी कोतवाली पुलिस के प्रयास से प्रदर्शनकारी शांत हुए। इस दौरान प्रदर्शन कारियों ने बताया कि खाते से रुपया निकल जा रहा, लेकिन बैंक के कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं हो रही। ऐसे में कही न कही बैंक का कर्मचारी इस गोलमाल में शामिल है।