मधुबन। क्षेत्र के सुवाह निवासी प्रवीण कुमार पांडेय तहसील प्रशासन से न्याय नहीं मिलने पर बुधवार से तहसील परिसर में बैठे आमरण अनशन को शुक्रवार को उप जिलाधिकारी ने आश्वासन के बाद खत्म कराया।
प्रवीण कुमार पांडेय के गांव सुवाह में सागौन, शीशम, बबूल और दो यूकेलिप्टस के पेड़ चकरोड में पड़ रहे थे। जिसको नीलाम करने के लिये तहसीलदार श्रीप्रकाश गुप्ता ने अपने पत्रांक संख्या 657 दिनांक 17 मार्च 2017 को अखबार में विज्ञापन छपवाकर एक अप्रैल 2017 को तहसील परिसर में नीलामी की तारीख रखी। समय सीमा के अंतर्गत विभागीय कार्रवाई के बाद पेंड़ो की 4118 रुपये में नीलामी हुई। तत्काल में प्रवीण से चार हजार रुपया जमा करा लिया गया। उसके बाद उसे रसीद नहीं दी गई। कभी नायब तहसीलदार तो कभी कोई नहीं है कहकर उसे टरकाया जाता रहा। इसके बाद प्रवीण से पुन: 13 अप्रैल को 4118 रुपये लेकर रसीद दी गई जिसका क्रमांक 794821 है। इसके बाद उसने वन विभाग से भी नोड्यूज ले लिया और 29 अप्रैल को राजस्व निरीक्षक शिशुपाल पांडेय ने मौके पर जाकर सीमांकन भी कर दिया। बावजूद इसके तहसील प्रशासन उसे पेड़ नहीं काटने दे रहा है। इन सभी बातों से परेशान होकर उसने अनशन का रास्ता अख्तियार किया। शुक्रवार को उप जिलाधिकारी ने उसे आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया और कहा कि मामले का हल निकालने का प्रयास किया जाएगा।