मऊ। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत अब जिले के किसान आधुनिक सिंचाई संसाधनों से खेतों की सिंचाई कर सकेंगे। 5.78 करोड़ की लागत से रेनगन, ड्रिप इरिगेशन, माइक्रो स्प्रिंकलर आदि योजना के तहत प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। योजना से आच्छादित किसानों को 80 से 90 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। शासन ने उद्यान विभाग को लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। शासन स्तर से 1413 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई संसाधनों को लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
केंद्र सरकार की तरफ से भूमि से कम पानी का दोहन करने और ज्यादा-से-ज्यादा पानी स्टोर कर भूजल को रिचार्ज करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत रेनगन, ड्रिप इरिगेशन माइक्रो स्प्रिंकलर आदि योजना के तहत प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। प्रथम चरण में 450 किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। केंद्र सरकार की तरफ से 1413 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई संसाधनों को लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे लगभग दो हजार किसान योजना से लाभान्वित हो सकेंगे। नामित एजेंसी से खरीदकर खेतों में उपकरण लगने के बाद विभाग मौके पर जाकर इनका सत्यापन करेगा और किसान से सभी उपकरणों की बिल लेगा। इन दस्तावेजों को ऑनलाइन पोर्टल के जरिए शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद शासन स्तर से सीधे किसान के खाते में 80 से 90 प्रतिशत फीसदी अनुदान भेजा जाएगा। इन उपकरणों को लगाने से पहले किसान को उद्यान विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। विभाग की अनुमति मिलने के बाद ही किसान इन संसाधनों को खेत में लगा सकता है। इस बाबत जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार का कहना है कि आधुनिक तकनीक के सिंचाई संसाधनों से खेतों की सिंचाई करने के लिए 5.78 करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए उद्यान विभाग में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा।