सोमवार को ठंड बढ़ जाने के बाद भी जिले के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। जबकि जिला प्रशासन से प्रत्येक तहसीलों को अलाव जलवाने के लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। यही नहीं नगर के विभिन्न स्थानों पर बने रैन बसेरा पर ठंड से बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किया जा सका है। शाम के बाद सवारी वाहन न मिलने से दूर दराज जाने वाले यात्रियों परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी आशीष ओझा ने सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने का दावा किया है।
पछुआ हवा चलने तथा धुंध रहने के चलते सोमवार को ठंड बढ़ जाने के चलते लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। सुबह स्कूल जाते तथा घर लौटते बच्चों का बुरा हाल रहा। इसके बावजूद नगर के जिला अस्पताल, गाजीपुर तिराहा, रेलवे स्टेशन, ब्रह्मस्थान सहित जिले के विभिन्न इलाकों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था ही नहीं की जा सकी है। शाम होते ही सवारी वाहनों की कमी से लोग देर शाम तक सवारी वाहन का इंतजार करते देखे गए। शासन की तरफ से गरीबों तथा असहायों को ठंड से बचाने के लिए लाखों की लागत से रैन बसेरा बनाया गया है। लेकिन वहां भी ठंड से बचाव के लिए कोई उपाय नहीं किया जा सका है। जिला अस्पताल परिसर में बने रैन बसेरा में न तो कंबल की कोई व्यवस्था ही की गई है और न ही अलाव जलवाया जा सका है। इसी तरह नगर के ब्रह्मस्थान, शीतला माता मंदिर परिसर में रैन बसेरा बना है, लेकिन वहां भी कोई व्यवस्था नहीं है। यही हाल नगर पंचायतों की स्थिति है। मझवारा संवाददाता के अनुसार ठंड का प्रकोप बढ़ जाने के बाद भी सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका है। लोगों ने सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाने की मांग की है। पिपरीडीह संवाददाता के अनुसार दिसंबर माह का तीसरा सप्ताह शुरू होते ही ठंड अब अपना असर दिखाने लगी है। क्षेत्र के पिपरीडीह,भार ,रैकवारेडीह, उस्मानपुर,सुवराबोझ,खरगजेपुर मजखनी सहित विभिन्न गांवों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव न जलने से व्यापारी, राहगीर, सहित स्कूली बच्चे परेशान हैं।