मऊ। जिला मुख्यालय से लगायत ग्रामीणांचलों के बाजारों में कुकुरमुत्ते की तरह खुली ट्रेवेल एजेंसियां अवैध है, इसका खुलासा एसपी कार्यालय से मांगी गई सूचना और एआरटीओं कार्यालय से जारी उत्तर में हुआ। इस दौरान पुलिस विभाग इस ट्रेवेल्स एजेंसियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
जिला मुख्यालय से लेकर देहात क्षेत्रों की बाजारों में ट्रेवेल्स एजेंसियां संचालित है। इनकी संख्या 25 से कम नही हैं, अकेले जिला मुख्यालय पर एक दर्जन से अधिक ट्रेवेल्स एजेंसियां संचालित हैं। इन एजेंसियों से वाहन बुक कराकर कई अपराधिक घटनाएं भी हो चुकी है। घटना होने के बाद कुछ दिनों तक ट्रेवेल्स एजेंसी चलाने वाले अंडर ग्राउंड हो जाते है। मामला ठंडा होने पर पुन: दुकान चलाने लगते है। शहर में स्थित एक एजेंसी से गाड़ी बुक कराकर ले गए बदमाशों ने चालक की हत्या कर गाड़ी को गायब कर दिया। आज तक उस गाड़ी का कोई पता नहीं चल सका। इसके अलावा पूर्व में अन्य कई ऐसी घटनाएं घट चुकी है। पूर्व में घटी घटनाओं को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के आदेश पर एआरटीओ दफ्तर से जिले में मौजूद एजेंसियों में कितनी पंजीकृत है की जानकारी पत्र के माध्यम से की गई।
इस दौरान एआरटीओ दफ्तर से जो उत्तर एसपी कार्यालय को भेजा गया, उसे देख सभी अवाक रह गए, कि जिले में कोई भी एजेंसी वैध नहीं है। बताते चले एआरटीओ विभाग की तरफ से इन एजेंसियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। जबकि इससे विभाग का राजस्व का नुकसान भी है। बताते चले बुक कराने के दौरान ये एजेंसियां बकायदे ग्राहकों को रसीद काटकर देती है। इस संबंध में पूछे जाने पर एआरटीओं कहकशां खातून ने बताया कि कोई शिकायत नहीं मिली, इसके चलते विभाग ने कार्रवाई नहीं की।