मऊ। परिवहन विभाग की लगातार कार्रवाई के बावजूद अब भी 135 अनफिट वाहन सड़क पर दौड़ लगा रहे हैं। इनमें 94 स्कूली बसें हैं जो बच्चों को स्कूल और घर पहुंचाते हैं। नए शिक्षा सत्र 2025-26 शुरू होने में 49 दिन बाकी है। अनफिट वाहनों के ये आंकड़े बीते एक साल से है।
परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर जुलाई से अक्तूबर तक अनफिट वाहनों पर कार्रवाई कर ब्लैक लिस्ट किए गये थे। कुछ वाहन स्वामियों ने एआरटीओ कार्यालय में आवेदन करके फिटनेस करा लिया था। दिसंबर 2024 तक ये संख्या 141 थी। इन सभी ब्लैक लिस्ट वाहनों की सूची संबंधित थानों में भेजी गई थी, लेकिन एक भी वाहनों पर कार्रवाई नहीं हुई। सात सीटर मैजिक और पांच सीटर ऑटो में 12 से 15 बच्चे बैठाए जाते हैं। बच्चों की परिवहन व्यवस्था की देखरेख के लिए बड़े स्कूलों में ही परिवहन सुरक्षा समिति का गठन हुआ है। जबकि सभी स्कूलों में इस समिति का गठन होना है।
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस व्यवस्था की निगरानी करनी थी। समिति के गठन के तहत कई नियमों का पालन करना होता है, लेकिन जिले में संचालित 542 निजी स्कूलों में से यह अब तक कुछ ही स्कूलों में शुरू हो पाई है। वाहनों की फिटनेस में उनका पंजीकरण, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फिटनेस प्रमाणपत्र, चालक का डीएल, उसका पुलिस वैरीफिकेशन, वाहन पर मोबाइल नंबर, पुलिस हेल्पलाइन नंबर दर्ज है या नहीं, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस, सीसी कैमरा, स्पीड कंट्रोल डिवाइस लगी होनी चाहिए। स्कूल का नाम और समय सारिणी लिखी होनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण स्कूली वाहन पीले रंग का होना चाहिए।
हादसों पर नजर डालें तो आठ दिसंबर 2023 की सुबह फतहपुर मंडाव में स्कूली बस सड़क किनारे पलट गई थी। हादसे में 26 छात्र घायल हुए थे। ग्रामीणों ने बस की खिड़की तोड़कर बाहर निकाला था।
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अभियान चलाकर अनफिट वाहनों पर कार्रवाई की गई थी, कुछ वाहन स्वामियों ने आवेदन करके फिटनेस करा लिया है। जिन्होंने नहीं कराया है उन्हें नोटिस भेजी गई है।
- सुहेल अहमद
- एआरटीओ, मऊ