सरसेना। नवसृजित चिरैयाकोट नगर पंचायत में अब स्थानीय मुद्दों को लेकर लड़ा जाना वाला चुनाव इस बार पार्टियों के आधार पर चुनाव बन गया है । कोई भी प्रत्याशी स्थानीय समस्याओं पर बात नहीं कर रहा है। हर किसी को पार्टी द्वारा किए गए कार्यों के दम पर जीत हासिल करने पर लगा हुआ है।
चिरैयाकोट नगर पंचायत की सबसे बड़ी समस्या नाली ,सड़क , बिजली, जलनिकासी, शुद्ध पीने का पानी और प्रकाश की है । इसके पहले इसी समस्याओं को लेकर नगर निकायों के चुनाव लड़े जाते थे। चुनाव किसी पार्टी के सिंबल पर नहीं लड़े जाते थे। जिसके कारण प्रत्याशी भी स्थानीय मुद्दों पर लोगो से चर्चा कर उसका समाधान करने का वायदा करते थे। आम जनमानस उनके किए गए वायदों पर भरोसा करके उन्हे अपना प्रतिनिधि चुनता था । लेकिन इस बार सभी पार्टियों ने अपने अपने सिंबल पर प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। जिसके कारण प्रत्याशी जातीय समीकरण लिए पार्टी के द्वारा किए गए कार्यों को लेकर उसकी प्रशंसा करते मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं। नगर के वलीनगर निवासी तथा चिरैयाकोट व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवचंद गुप्ता ने कहा कि नगर पंचायत का चुनाव होने जा रहा है यह चुनाव अब पार्टी स्तर का हो चुका है, क्यों कि सभी पार्टियों ने अपने सिंबल पर प्रत्याशी उतारे हैं। कस्बे की समस्या के तरफ़ किसी का ध्यान नहीं है । यहां जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। नाला जाम पड़ा है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।कूड़ा फेंकने के लिए कोई जगह नहीं है । बाजार में एक सार्वजनिक शौचालय तक नहीं बन सका है ।
ताजपुर निवासी मुन्नू राम ने कहा कि मुद्दे तो बहुत हैं लेकिन सभी पार्टियों के प्रत्याशी इन मुद्दों को भुल कर पार्टी की बात कर रहे हैं। जबकि हम विकास के मुद्दे पर ही वोट करेंगे। सोहबतबाग निवासी रमेशचंद मौर्य ने कहा कि नवसृजित नगर पंचायत क्षेत्र में स्थानीय समस्याएं ज्यादा हैं लेकिन कोई भी प्रत्याशी इन समस्याओं के निदान का वादा नहीं कर रहा है। हर मुहल्ले में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे निजात दिलाने वाले प्रत्याशी को ही वोट करेंगे। डॉ. अशोक सिंह का कहना है कि नगर पंचायत में बिजली के तार जर्जर हाल में हो गए हैं। जर्जर तार बदलवाले का भरोसा दिलाने वाले प्रत्याशी को ही वोट करेंगे।