मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक आदिल आफताब अहमद ने श्यामकरन यादव की हत्या और हत्या प्रयास के मामले में नामजद तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ ही कुल 26 - 26 हजार रुपये का अर्थदंड निर्धारित किया। मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र का है।
मामले के अनुसार दतौड़ा गांव निवासी रामायन यादव पुत्र शामू यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप है कि वह अपने चाचा श्यामकरन यादव के साथ मोटरसाइकिल से 26 फरवरी 2013 को रतनपुरा से अपने घर दतौड़ा जा रहा था। उसी दौरान गांव के ही सुबाष यादव पुत्र रामबचन तथा नगवां गांव निवासी वृजेश सिंह पुत्र छत्रधारी सिंह और सुरेंद्र सिंह पुत्र वासदेव सिंह ने पीछा कर पुरानी रंजिश को लेकर गोली चला दी। जिससे मौके पर श्यामकरन यादव की मौत हो गई तथा वादी रामायन यादव के ऊपर भी तमंचे से फायर किया, लेकिन गोली मिस हो गई। उसके बाद तमंचे के बट से वादी रामायन यादव को मारकर घायल कर दिया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी श्रीप्रकाश यादव और अधिवक्ता सूर्यनाथ यादव तथा दयाशंकर राय ने कुल 12 गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण सुरेंद्र सिंह, वृजेश सिंह और सुबाष यादव को हत्या, हत्या का प्रयास और धमकी के मामले में दोषी पाया। तीनों को हत्या में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 20-20 हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। वही हत्या के प्रयास में आठ-आठ वर्ष के कारावास की सजा के साथ ही पांच-पांच हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। वही धमकी के मामले में एक-एक वर्ष की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। आरोपी सुबाष यादव को धारा 25 आयुध अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए तीन वर्ष की सजा का निर्णय सुनाया। वही अर्थदंड की राशि जमा हो जाने पर हत्या के प्रयास वाला अर्थदंड की राशि में से घायल को 80 प्रतिशत तथा हत्या के मद जमा अर्थदंड की राशि में से मृतक के परिजनों को 80 प्रतिशत धनराशि देने का आदेश दिया।