मऊ। घटते बाल लिंगानुपात से सरकार चिंतित है। अवैध रूप से चलने वाले ऐसे केंद्रों पर सरकार प्रभावी शिकंजा कसने जा रही है जो गर्भस्थ शिशुओं का लिंग परीक्षण करते हैं और भ्रूण हत्या में लिप्त होते हैं। अवैध रूप से होने वाले एक बाल लिंग चयन और भ्रूण हत्या करने वाले महज एक जांच केंद्र संचालक को पकड़ने के लिए सरकार दो लाख रुपये खर्च करने जा रही है। सरकार ने मुखबिर योजना की शुरुआत किया है। यह योजना पहली जुलाई 2017 से पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई है।डिक्वाय आपरेशन के तहत गुप्त सूचना देने वाले को 60 हजार , नकली ग्राहक बनने वाली गर्भवती महिला को एक लाख और उसकी सहायक महिला 40 हजार रुपये नगद पुरस्कार दिए जाएंगे।
प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी द्वारा 23 जून को महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य और सभी जिलाधिकारियों को जारी पत्र में कहा गया है कि निरंतर घटता बाल लिंगानुपात चिंता का विषय है। प्रदेश में विशेष लिंग के चयन और भ्रूण हत्या जैसे अवैध कार्य में लिप्त केंद्रों , संस्थानों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए शासन ने मुखबिर योजना की शुरुआत किया है। यह योजना पहली जुलाई से लागू कर दी गई है। भ्रूण हत्या में लिप्त लोगों को पकड़ने के लिए डिक्वाय आपरेशन चलाया जाएगा। इसके तहत भ्रूण चयन और हत्या में लिप्त लोगों को पकड़ने के लिए मुखबिर की सहायता ली जाएगी। इसके साथ ही नकली गर्भवती महिला और उसकी साथी महिला सहायक की मदद भी ली जाएगी। मुखबिर सटीक सूचना देगा। नकली गर्भवती महिला और उसका सहायक महिला जांच केंद्र पर जाएंगी।बाल लिंग चयन का अनुरोध करेंगी। मुखबिर की सूचना पर जांच अधिकारी अवैध कार्य में लिप्त केंद्र संचालक को दबोच लेंगे। इस मुहिम में मुखबिर को 40 हजार रुपये पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे। जबकि नकली गर्भवती को एक लाख और उसकी सहायक महिला साथी को 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। यह पुरस्कार राशि तीन किश्तों में दी जाएगी। पहली किश्त सटीक सूचना देने , केंद्र संचालक को पकड़वाने पर , दूसरी किश्त साक्ष्य उपस्थित करने और उसकी पुष्टि होने पर दी जाएगी जबकि अंतिम किश्त आरोपी के विरुद्ध दंडादेश पारित हो जाने पर दी जाएगी। योजना के तहत मुखबिर को 20 हजार की तीन किश्तों में 60 हजार, मिथ्या महिला ग्राहक को 30-30 हजार की दो और 40 हजार की एक किश्त के रूप में एक लाख दिए जाएंगे जबकि उसकी सहायक महिला साथी को 10-10 हजार की दो और 20 हजार की एक किश्त के रूप में कुल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
पहली जुलाई से संचालित नई मुखबिर योजना काफी महत्वपूर्ण है। बाल लिंग चयन और विशेष भ्रूण हत्या अत्यधिक चिंताजनक है। इस प्रभावी रोक के लिए टीम का गठन किया जाएगा। योजना के अनुसार अवैध धंधे में लिप्त अल्ट्रासाउंड संचालकों को पकड़ा जाएगा। जिले में ऐसे तीन संचालकों के अल्ट्रासाउंड केंद्र पहले ही सीज किए गए हैं। डा. आरके मिश्र , सीएमओ ,मऊ।