मऊ। प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव तथा जिले के नोडल अधिकारी प्रीति शुक्ला मंगलवार की शाम जिला मुख्यालय पहुंचकर हुए विकास कार्यो का भौतिक सत्यान किया। इस दौरान विशेष सचिव का काफिला सबसे पहले जिला अस्पताल परिसर पहुंचा। यहां 97.66 लाख की लागत से तैयार ट्रामा सेंटर और भीटी से बहादुरगंज को जाने वाली सड़क मार्ग का निरीक्षण किया। सड़क का निर्माण 11 अगस्त तक पूरा होना था, लेकिन निरीक्षण में आधी अधुरी सड़क मिलने पर उन्होंने विभाग के अधिकारी को फटकार लगाते हुए समय सीमा के अंदर काम पूरा कराने का निर्देश दिया। इसके उपरांत विशेष सचिव ने अधिकारियों से कनेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक किया। इस दौरान उन्होंने अपराध से लेकर राजवस्व वसूली और ओडीएफ की प्रगति को जाना। राजस्व वसूली में कमी मिलने पर उन्होने संबंधित अधिकारी को इसे दुरूस्त करने और शासन की मंशा के अनुरुप अधिकारियों को काम करने का निर्देश दिया।
मंगलवार की शाम साढे चार बजे के करीब विशेष सचिव लोक निर्माण और जिले की नोडल अधिकारी प्रीति शुक्ला मऊ जिला मुख्यालय पर पहुंची। सबसे पहले वो सदर अस्पताल पहुंची, जहां उन्होंने अस्पताल परिसर में 97.66 लाख की लागत से तैयार हुए ट्रामा सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हे पता चला कि उनके निरीक्षण से एक दिन पूर्व ही कार्यदायी संस्थान ने ट्रामा सेंटर को अस्पताल प्रशासन को सुपुर्द किया है। इस पर उन्होंने कार्यदायी संस्था फैक्सफैड देर का कारण जाना, इस दौरान पता चला कि दुुसरी किस्त देर से मिली साथ ही बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर लगाने में देरी की। इस दौरान विशेष सचिव ने भवन में लगे टाइल्स से लेकर स्टील की रेलिंग तक का निरीक्षण स्टीमेट से मिलान करके बारिकी से किया। यहां पर मौजूद कुछ लोगों ने अस्पताल की बदहाली और चिकित्सको की लापरवाही का मामला उठाया। जिसे विशेष सचिव ने नोट किया। अस्पताल के बाद भीटी मोड़ से बहादुरगंज जाने वाली निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण करने के दौरान विशेष सचिव को पहली खामी समय सीमा का उल्लंघन होते मिला। इस पर उन्होने लोक निर्माण विभाग के ईएक्सईएन को फटकार लगाई। साथ ही समय सीमा के अंदर सड़क निर्माण कराने का आदेश दिया। बताते चले मऊ से बहादुरगंज को जाने वाली सड़क पर दस किमी सड़क निर्माण हो रहा है। निरीक्षण के दौरान सचिव को सिर्फ 8.1 किलो मीटर सड़क का निर्माण होना मिला। जबकि इस दौरान बीच में पुलिया के पास 400 मीटर और पूरे 10 किमी रास्ते में 1.9 किलोमीटर निर्माण अधूरा मिला। सड़क की गुणवत्ता परखने के लिए उन्होने कई स्थानों पर पिच को खुदवाकर भौतिक सत्यापन किया।
शासन की मंशा के अनुरूप करें अधिकारी काम
मऊ। निरीक्षण के बाद शाम छह बजे से विशेष सचिव प्रीति शुक्ला ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के अधिकारियों के संग बैठक किया। इस दौरान उन्होने अपराध से लेकर जिलें में हुए विकास कार्यो और पौध रोपण, राजस्व वसूली, ओडीएफ सहित अन्य की प्रगति को जाना। इस दौरान राजस्व वसूली अपेक्षा कम होने पर उन्होने उसे सुधारने का निर्देश दिया। साथ ही बोली अधिकारी शासन की मंशा के अनुरुप कार्य करें।
समीक्षा बैठक में उन्होंने जानकारी किया कि क्या जिले में नारी संप्रेक्षण गृह है ? इस दौरान पता चला कि यहां सिर्फ किशोर बाल सुधार गृह ही मौजूद है। इस पर उन्होने अधिकारियों को समय समय पर बाल संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण करते रहने का निर्देश दिया। उन्होंने देवरिया में हुई घटना का हवाला दिया। विशेष सचिव ने समीक्षा बैठक में सीएमएस डा. बृज कुमार से अस्पताल परिसर में लोगों के द्वारा की गई शिकायत की जानकारी किया। इस दौरान सीएमएस ने अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों की कमी को बताया। इस पर उन्होंने इसको देखने का आश्वासन दिया। बाढ़ को देखते हुए उन्होंने निरीक्षण कर पहले से तैयारी करने और कमियों को दूर करने के लिए सभी को आदेश दिया। जिले में परियोजना निदेशक के रिक्त हुए पद को अतिशीघ्र भरने का निर्देश दिया।
बजरंग दल के कार्यकर्ता ने की शिकायत
मऊ। अस्पताल में ट्रामा सेंटर का निरीक्षण करने के दौरान बजरंग दल का सदस्य देवेंद्र सिंह वहां पहुंचकर विशेष सचिव से अस्पताल में व्याप्त कमियों की शिकायत किया। इस दौरान देवेंद्र ने बताया कि अस्पताल में दलालों का बोल बाला है। इसे विशेष सचिव ने गंभीरता से लिया।