मऊ। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में मंगलवार को बाल संप्रेक्षण गृह में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया। इसमें बच्चों को उनके अधिकारो तथा किशोर न्याय एवं उनके संरक्षण के बावत जानकारी दी गई। प्राधिकरण के सचिव शिवकुमार ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 39 ए में सभी के लिए न्याय सुनिश्चित किया गया है। छह से 14 वर्ष के बच्चों को अनिवार्य और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिलना उनका न्यायिक और नैतिक अधिकार है।
सचिव ने बाल विवाह, बाल मजदूरी,बच्चों को बधुआ रखना, उन्हें प्रताड़ित करना तथा बच्चों को शारीरिक अथवा मानसिक दंड देना उनके संरक्षण के बावत जानकारी दी। इस दौरान सचिव ने किशोरों से जानकारी हासिल किया। तथा साफ सफाई न होने पर अधीक्षक को विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। वहा रह रहे किशोरों से कहा कि अगर किसी को अपने मामले की पैरवी करने के लिए सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता उपलब्ध कराने की बात बताया। इस दौरान छोटू यादव, जमाल हुसैन तथा आदिल ने अपने मामले की पैरवी के लिए अधिवक्ता की मांग किया। जिस पर सचिव ने अधीक्षक से तीनों का प्रार्थना पत्र लेकर प्राधिकरण में भेजे जाने का निर्देश दिया। इस मौके पर अधीक्षक चंद्रिका लाल श्रीवास्तव, जावेद अख्तर, रफी अहमद आदि लोग उपस्थित रहे।