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साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का दर्शन है श्रीमद्भागवत कथा

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कोपागंज। मनुष्य जन्म लेकर भी जो व्यक्ति पाप के अधीन होकर इस भागवत रुपी पुण्य दायिनी कथा को श्रवण नहीं करते तो उनका जीवन ही बेकार है। जिन लोगों ने इस कथा को सुनकर अपने जीवन में इसकी शिक्षाएं आत्मसात कर ली हैं तो मानो उन्होंने अपने माता पिता और पत्नी तीनों के ही कुल का उद्धार कर लिया है। भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने का साधन गो सेवा है। श्रीकृष्ण ने गो को अपना आराध्य मानते हुए पूजा एवं सेवा की. याद रखो, गो सेवक कभी निर्धन नहीं होता।
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उक्त बाते कस्बे के प्राचीन गौरीशंकर मंदिर में आयोजित संगीतमय साप्ताहिक भागवत कथा के पांचवे दिन शनिवार को कथावाचक अनूपानंद जी महाराज ने श्रोताओं से कहा। कहा कि श्रीमद्भागवत कथा साक्षात भगवान श्रीकृष्ण का दर्शन है। यह कथा बड़े भाग्य से सुनने को मिलती है। इसलिए जब भी समय मिले कथा में सुनाए गए प्रसंगों को सुनकर अपने जीवन में आत्मसात करें। इससे मन को शांति भी मिलेगी और कल्याण होगा। कलियुग में केवल कृष्ण का नाम ही आधार है, जो भवसागर से पार लगाते हैं। परमात्मा को केवल भक्ति और श्रद्धा से पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन इस संसार का नियम है यह संसार परिवर्तनशील है, जिस प्रकार एक वृक्ष से पुराने पत्ते गिरने पर नए पत्तों का जन्म होता है, इसी प्रकार मनुष्य अपना पुराना शरीर त्यागकर नया शरीर धारण करता है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का व गोवर्धन पूजा का वर्णन करते हुए कहा कि बाल गोपाल ने अपनी अठखेलियों से अपने बाल स्वभाव के तहत मंद-मंद मुस्कान तथा तुतलाती भाषा से सबका मन मोह रखा था। उन्होंने अपने सखाओं संग मटकी फोड़ कर चोरी छिपे माखन खाते हुए यशोदा मैया एवं गोपियों को अपनी शरारतों से प्रेम व वात्सल्य से बांधे रखा। श्रीकृष्ण ने अपनी अन्य लीलाओं से पुतना, बकासुर, कालिया नाग, कंस जैसे राक्षसों का वध करते हुए अवतरण को सार्थक किया तथा त्रेतायुग में धर्म का प्रकाश फैलाया। साथ ही गोवर्धन महाराज की पूजा के लिए उससे संबंधित पूरे वृतांत को भी उपस्थित भक्तगणों को बताया।इस अवसर पर भक्तों ने छप्पन भोगों का अर्पण किया। झांकियों सहित धूमधाम से गोवर्धन की पूजा अर्चना की।इस अवसर पर आयोजक कर्ता समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शैलेंद्र यादव साधु, ओम प्रकाश गुप्ता, पंकज राय, धर्मेंद्र चौरसिया, गोपाल यादव, सजीत यादव, प्रवीण चौरसिया, दीनबंधु गिरी, अशोक यादव आदि मौजूद रहे।
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