मुहम्मदाबाद गोहना । देश की सीमाओं पर देश की रक्षा के लिए अपनी पूरी जवानी गंवाने के बाद अवकाश प्राप्त सैनिकों की दुर्दशा को ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश सैनिक पुनर्वास निधि का गठन किया है। बावजूद इसके इस निधि के अंतर्गत प्राप्त सहूलियतों की पूरी जानकारी अधिकतर अवकाश प्राप्त सैनिकों को नहीं है।उक्त बातें पूर्व सैनिक नागेन्द्र सिंह ने गुरूवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया।उन्होंने योजना की विधिवत जानकारी भी दिया।
श्री सिंह ने कहा कि राज्यपाल सचिवालय, राजभवन लखनऊ द्वारा भूतपूर्व सैनिकों/उनके आश्रितों के कल्याण के लिए जो योजनाएं बनाई गई है। उसके अंतर्गत भूतपूर्व सैनिकों के बच्चों की शिक्षा, उनकी विधवाओं की पुत्रियों के विवाह आदि हेतु आर्थिक सहायता दी जाती है। कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई इस योजना का लाभ भिन्न भिन्न मदों के अंतर्गत भिन्न भिन्न प्रकार से दिया जाता है । बताया कि शैक्षिक सहायता के अंतर्गत सैनिकों के बच्चों को दो प्रकार की सुविधा दी जाती है। एक सामन्य शिक्षा के लिए एवं दूसरा प्राविधिक शिक्षा हेतु ।सामान्य शिक्षा के अंतर्गत कक्षा 9 से एमएससी तक अध्ययन हेतु सरकार 400 रुपए से 800 रुपए प्रतिमाह देती है एवं प्राविधिक शिक्षा हेतु 600 रुपए से 5000 रुपए प्रतिमाह देती है। इसके अतिरिक्त पुत्रियों के विवाह हेतु आर्थिक सहायता - यदि अवकाश प्राप्त सैनिक मर जाता है तो उसकी दो पुत्रियों के विवाह हेतु 10 हजार रुपए प्रति पुत्री के हिसाब से अनुदान दिया जाता है। श्री सिंह ने कहा कि ऋण पर छूट की योजना के अंतरगत पूर्व सैनिकों द्वारा राष्ट्रीयकृत बैंक, सहकारी बैंक व अन्य सरकारी वित्तीय संस्था के लिए गए ऋण पर निम्न छूट दी जाती है। इसमें दस हजार तक के ऋण पर 15 प्रतिशत एवं 10 हजार से एक लाख की राशि पर और अधिक छूट का प्रावधान है।।पूर्व सैनिक को सामान्य चिकित्सा हेतु 10 हजार रुपए वर्ष में एक बार दिया जाता है और यदि सैनिक को विशेष चिकित्सा की आवश्यकता है तो उसे कुल व्यय का 75 प्रतिशत दिया जाता है जो 40 हजार रुपए से कम हो। बताया कि सिलाई/बुनाई मशीन सहायता सिलाई बुनाई में प्रशिक्षित पूर्व सैनिकों की विधवाओं को सिलाई मशीन क्रय हेतु रुपए 1500 बुनाई मशीन हेतु 3000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह अनुदान अभावग्रस्त/निराश्रित पूर्व सैनिक/आश्रितों तथा विधवाओं को उनकी विशेष परिस्थितियों के अनुसार निधि कार्यालय से विवेकानुसार दिया जाता है। इन सभी योजनाओं की जानकारी भूतपूर्व सैनिक/आश्रित अपने जिले के जिला सैनिक कल्याण पुनर्वास कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त कर लाभ उठा सकते हैं।