अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दलित व्यक्ति को मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में नामजद चार आरोपियों को दोषी पाते हुए सभी को चार वर्ष की सजा के साथ ही कुल पांच-पांच हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, अर्थदंड जमा हो जाने पर 80 प्रतिशत धनराशि घायलों को देने का आदेश दिया। मामला हलधरपुर थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार, हलधरपुर थाना क्षेत्र के विलौझा गांव निवासी मूस कन्नौजिया पुत्र फूलचंद कनौजिया की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन था कि उसके गांव के आरोपीगण जयप्रकाश पुत्र जगर, अनिल और विनोद पुत्रगण जयप्रकाश और सुजीत पुत्र विनोद ने खेत में बकरी चले जाने को लेकर 14 मार्च 2007 को वादी और रानी, पिंकी और फूलचंद को मारपीट कर गंभीर चोटें पहुंचाई। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्जकर बाद विवेचना आरोप-पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी ने कुल 10 गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एडीजे आदिल आफताब अहमद ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपीगण जयप्रकाश, अनिल, विनोद और सुजीत को मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और गाली देने का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद चारो को गंभीर चोट पहुंचाने में चार-चार वर्ष की सजा के साथ ही तीन-तीन हजार रुपया अर्थदंड, मारपीट के मामले में छह-छह माह की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपया अर्थदंड तथा गाली देने के मामले में छह-छह माह की सजा के साथ ही एक-एक हजार रुपया अर्थदंड की सजा का निर्णय सुनाया। वहीं, एससी/एसटी एक्ट और धमकी देने के मामले में सभी को दोषमुक्त कर दिया।