मऊ। वित्तीय वर्ष बीतने में तीन हफ्ते शेष हैं। लेकिन जिला योजना 2017-18 में फरवरी माह तक 21 विभागों को फूटी कौड़ी नहीं मिली है। सात विभागों में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष शत प्रतिशत खर्च कर दिया गया है। वहीं अन्य विभागों में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष 60 से 90 प्रतिशत खर्च की गई है। जिले के 24 विभागों में अवमुक्त धनराशि 20 लाख 93 हजार 688 के सापेक्ष 19लाख 93 हजार 282 रुपया व्यय कर दिया गया है।
वित्तीय वर्ष बीतने को है, लेकिन जिला योजना 2017-18 के तहत फरवरी माह तक उद्यान विभाग, मत्स्य विकास, सहकारिता, पंचायतीराज, सामुदायिक विभाग, निजी लघु सिंचाई, खेलकूद, एलोपैथी, होमियोपैथी, आयुर्वेद, ग्रामीण पेयजल ग्राम्य विकास, पिछड़ी जाति कल्याण सहित 21 विभागों को फरवरी माह तक एक पाई धनराशि नहीं मिली है। इसी क्रम में कृषि विभाग को 17 लाख अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष 15 लाख मिला। जिसमें 10.48 लाख व्यय कर दिया गया है। इसी तरह गन्ना विकास को 9.40 लाख अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष 8.17 लाख अवमुक्त किया गया। जिसमें 7.36 लाख रुपया व्यय कर दिया गया है। इसी तरह लघु एवं सीमांत कृषकों को सहायता को 26 करोड़ अनुमोदित परिव्यय के सापेक्ष 57.48 लाख रुपया अवमुक्त किया गया। जिसमें 57 लाख रुपया व्यय कर दिया गया है। इसी तरह पशुपालन विभाग को 2.40 करोड़ अऩुमोदित परिव्यय के सापेक्ष 29.98 लाख रुपया अवमुक्त किया गया। जिसमें 24.68 लाख रुपया व्यय कर दिया गया है। प्रादेशिक विकास दल, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम, पर्यावरण, प्राथमिक शिक्षा सहित सात विभागों में शत प्रतिशत अवमुक्त धनराशि खर्च कर दी गई है। 24 विभागों में अवमुक्त धनराशि 20 लाख 93 हजार 688 के सापेक्ष 19लाख 93 हजार 282 रुपया व्यय कर दिया गया है। विभागीय अधिकारी जिला योजना से बजट का इंतजार कर रहे हैं।