बाट माप अधिकारी के नहीं पहुंचने से मधुबन तहसील परिसर में ई-कांटा की री-स्टंंपिंग (सत्यापन या जांच) के लिए पहुंचे 100 कोटेदार मायूस होकर लौट गए। बेवजह परेशानी कोटेदारों को चुभ गई और उन्होंने नाराजगी जताई।
कोटेदारों का कहना है कि बृहस्पतिवार को तहसील पर पहुंचने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सूचना दी गई थी। पूर्व सूचना के अनुसार अलग अलग गांवों से करीब 100 कोटेदार सुबह 9:30 बजे तहसील पहुंच गए थे। दोपहर करीब 2:30 बजे तक बाट माप विभाग के कर्मचारियों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा।
कोटेदार रामविलास सिंह, रीता देवी, जनार्दन प्रसाद, रमेश चंद्र, सुभाष चंद्र, परवेज आलम, अतीक अहमद, राज किशोर मौर्य, प्रमोद कुमार, विजय शंकर, रमाशंकर, आकाश, रामप्रसाद, गिरीश नारायण मिश्रा, रामनवल, फैयाज, साजिदा बेगम, हंसनाथ आदि कोटेदारों ने आरोप लगाया कि बाट माप विभाग द्वारा हर बार इसी तरह बुलाकर बेवजह परेशान किया जाता है।
उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि मशीन की री-स्टंपिंग के अलावा कोटेदारों की बैठक बुलाई गई थी। बाट माप विभाग से कर्मचारी क्यों नहीं पहुंचे कारण पता किया जा रहा है।