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Mau News: प्री मॉनसून के 10 दिन पहले जिले में तेज आंधी के साथ बारिश, दो डिग्री गिरा तापमान

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मऊ। जिले में प्री मॉनसून के 10 दिन पहले बृहस्पतिवार सुबह मौसम में बदलाव देखने को मिला। जहां आंधी के साथ हुई बारिश ने तापमान में दो डिग्री तक की कमी ला दी। इस दौरान आंधी से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली तारों के टूटने से बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही। वहीं मऊ-मधुबन मार्ग पर एक बड़े बबूल का पेड़ टूटकर गिरने से एक घंटे तक सड़क पर आवागमन बाधित रहा। मौसम में आए बदलाव और तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन दोपहर के बाद तेज धूप होने से एक बार फिर जिलेवासी गर्मी से हलकान दिखे।
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बृहस्पतिवार को जनपद का अधिकतम तापमान 41 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री था। सुबह छह बजे अचानक उत्तर दिशा से तेज हवाएं चलने लगीं। धूल भरी तेज हवा चलने से कुछ देर बाद ही बूंदाबांदी भी होने लगी, तो जनपद में कुछ जगहों पर बारिश भी हुई। इससे लोगों को गर्मी से काफी हद तक राहत मिली। हालांकि पांच घंटे बाद ही तेज धूप निकल गई। पूरे दिन लोग गर्मी और उमस से परेशान दिखे। तेज हवा के चलने से गांव से लेकर शहर तक अनेक जगहों पर मुख्य मार्ग पर पेड़ गिरने से कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। वहीं मधुबन तहसील के मऊ-मधुबन मार्ग स्थित दिघेड़ा के पास बीच मार्ग पर बबूल का बड़ा पेड़ गिरने से डेढ़ घंटे तक आवागमन बाधित रहा। स्थानीय लोगों ने जागरूकता दिखाते हुए पेड़ को काट कर मार्ग से हटाया, इसके बाद आवागमन शुरू हो सका। जबकि रतनपुरा ब्लॉक के बड़ागांव में हाईटेंशन तार टूटकर नीचे आ गिरा, गनीमत रही कि हादसे में किसी के जान माल का नुकसान नहीं हुआ। लेकिन तार टूटने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई, इससे कई गांवों में चार घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति बाधित रही। वहीं मौसम में बदलाव को देखते ही सुबह ही बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, इसके चलते पानी की टंकी खाली होने से कई लोग ऑफस देर से पहुंचे। मई से लेकर जून महीने में लगातार पारा चढ़ने से लोग गर्मी से परेशान थे। इस साल अभी तक पारा 47 डिग्री तक पहुंच गया था।



इनसेट

किसानों में खुशी, ईंट भट्ठा संचालकों को नुकसान

मऊ। जून में बृहस्पतिवार सुबह को हुई बारिश के बाद से जहां किसानों में खुशी थी तो ईंट भट्ठा संचालकों को काफी नुकसान हुआ। किसान धान की नर्सरी डालने के बाद अब उसकी रोपाई में लग गये हैं। किसानों का कहना है कि गेंहू की कटाई के बाद खाली खेत की बारिश के बाद जोताई भी आसान हो गई है। ईंट भठ्ठा संचालकों का कहना है आमतौर पर 15 जून के बाद मॉनसून की दस्तक होता है, इस बार छह जून को ही बारिश हुई है। अब बाहर से आए ईंट तैयार करने वाले मजदूरों की भी छुट्टी कर दी गई है, जो भी ईंट का तैयार स्टॉक है, उसी से आने वाले दिनों में भट्ठे का संचालन होगा। कहा कि पथेरी में ईंट के नुकसान से ज्यादा की संभावना है।
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