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टैंक चौराहे से सदर तहसील तक संगीनों साया

Thu, 07 Jan 2016 08:37 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए कलक्ट्रेट परिसर छावनी बना रहा। टैंक चौराहे से सदर तहसील तक चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात थे। प्रत्याशियों के हजारों समर्थकों को टैंक चौराहा और कलेक्ट्रेट के बाहर ही रोक दिया गया था।
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गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मतदान और मतगणना की व्यवस्था की गई थी। चुनाव में 38 जिला पंचायत सदस्यों को वोट डालने थे। सुबह समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल, भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के हजारों समर्थक बस, जीप और अन्य वाहनों से मथुरा पहुंचे।

सभी अपने प्रत्याशियों के खेमे में जुट रहे थे। इन समर्थकों को रोकने और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए टैंक चौराहे पर तीन थानों की पुलिस, दो सीओ, पीएसी और 100 से अधिक सिपाही तैनात रहे। डिफेंस सिनेमा के निकट से दोपहिया वाहन चालकों को डायवर्ट कर सैन्य इलाके से गुजारा गया।
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सदर तहसील के निकट से दोपहिया वाहन सवारों को डाकघर की ओर गुजारा गया। यहां एक थानाध्यक्ष, 20 सिपाही और पांच दरोगा तैनात थे। इसके अलावा डीएम कार्यालय के बाहर और आसपास इलाके में चार स्थानों पर बैरियर लगाकर 10 थानों की पुलिस, एक कंपनी पीएसी और 200 होमगार्ड तैनात किए गए थे।

दिल्ली से कमांडो घेरे में आए रालोद-भाजपा सदस्य
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए रालोद और भाजपा के जिला पंचायत सदस्यों को दिल्ली से कड़ी सुरक्षा के बीच कलेक्ट्रेट परिसर तक लाया गया। सूत्रों के अनुसार इन सदस्यों से भरी लक्जरी मिनी बस को हरियाणा पुलिस के 12 कमांडो और तीन एस्कार्ट गाड़ियों के बीच में रखा गया था। सुबह 11:30 बजे कमांडो ने सभी सदस्यों को कलेक्ट्रेट गेट पर सुरक्षित उतारने के बाद स्थानीय नेताओं के सुपुर्द कर वापस चले गए। इस प्रकार जिला पंचायत सदस्यों का कलक्ट्रेट में आना चर्चा का विषय बना रहा।

जीतने के बाद हुई जनसभा
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में पूर्व कृषि मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण की पत्नी ममता चौधरी के विजयी घोषित होने के बाद टैंक चौराहा और कलेक्ट्रेट पर जुटी हजारों समर्थकों की भीड़ चौधरी लक्ष्मी नारायण के आवास की ओर बढ़ गई। इससे दोपहर बाद तीन बजे से ही उनके आवास के सामने जाम के हालात बन गए। इस पर टीएसआई व धौलीप्याऊ और कोतवाली पुलिस ने समर्थकों के वाहनों को लाइन से खड़ा कराया। चौधरी लक्ष्मीनारायण के आवास के निकट बने लक्ष्मीबाई पार्क में जनसभा हुई।


जरूरतमंदों को दिया रास्ता
पुलिस ने कलेक्ट्रेट और टैंक चौराहे पर प्रत्याशी समर्थकों को रोके रखा था लेकिन स्कूली वाहन, सैनिकों, कचहरी के आसपास रहने वालों, वकील और कलेेक्ट्रेटकर्मियों को निकलने में असुविधा नहीं होने दी। जाने दिया। इधर कचहरी की ओर जाने पर आमादा लोगों की पुलिस से खासी झड़प भी हुई। सबसे ज्यादा समर्थकों का दबाव टैंक चौराहे पर था। यहां कई बार सीओ सदर आरके गौतम और सीओ छाता पीयूष कुमार सिंह को माइक लेकर एनाउंस करना पड़ा और वाहन चालकों को समझाकर दूसरे रास्तों से भेजा।

विधायक की गाड़ी रोकी
पुलिस ने दोपहर एक बजे टैंक चौराहे पर समर्थकों के साथ पहुंचे गोवर्धन के विधायक राजकुमार रावत की गाड़ी को भी रोक दिया था। इस पर विधायक को पैदल ही समर्थकों संग कचहरी तक जाना पड़ा।


योद्धा पार्क में अफरा-तफरी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए प्रत्याशियों द्वारा बुलाए गए हजारों समर्थक टैंक चौराहे पर शाम तीन बजे तक जमे रहे। इस दौरान कई लोग टैंक चौराहे पर बने योद्धा पार्क और स्ट्राइक वन कोर के पार्क में घुस गए। वहां हरियाली को नुकसान पहुुंचाने पर पुलिस और सैनिकों ने समर्थकों को बाहर निकाला।


कलक्ट्रेट में दुकानें रहीं बंद
चुनाव के मद्देनजर कलेक्ट्रेट परिसर गुरुवार को सारी दुकानें बंद रहीं। फोटो स्टेट, खानपान की दुकानें भी नहीं खुली थीं। ऐसे में प्रत्याशी समर्थकों को चाय, पानी और खाने की वस्तुएं भी नहीं मिलीं।
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