मथुरा। विशेष केक का आनंद लेतीं हथिनी जारा और आर्या।
- फोटो : mathura
मथुरा। हाथी संरक्षण केंद्र में सोमवार को हथिनी जारा की आजादी के पांच साल पूरे होने पर विशेष आयोजन किया गया। टीम ने जारा के लिए एक विशेष केक तैयार कर उसे बधाई दी। जारा ने बड़े चाव से केक का स्वाद लिया और फिर स्प्रिंकलर के नीचे ठंडी फुहार के बीच अपना समय बिताया।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने बताया कि भिक्षावृत्ति के लिए प्रयोग में लाई जा रही हथिनी को जून 2020 में मुक्त करवाकर हाथी संरक्षण केंद्र लाया गया था। यहां उसे जारा नाम दिया गया है। गंभीर ऑस्टियोअर्थराइटिस से पीड़ित जारा को केंद्र में बेहतर देखभाल के साथ उपचार भी मिला। चिकित्सकों ने जारा की गहन जांच की और पाया कि उसका आगे के दाहिने पैर का जोड़ क्षतिग्रस्त है। इसके कारण वह असहज थी। उपचार के बाद धीरे-धीरे उसकी हालत बेहतर होती चली गई। अब वह नेत्रहीन हथिनी आर्या के साथ काफी घुल-मिल गई है। दोनों एक साथ केंद्र में मस्ती करतीं नजर आती हैं। दोनों अक्सर एक साथ गतिविधियों में शामिल होती हैं।
पूल में नहाना या स्प्रिंकलर के नीचे खड़े होना उन्हें सबसे ज्यादा पसंद है। जारा और आर्या को हाइड्रेटिंग फल और सब्जियां जैसे चुकंदर, पपीता, तरबूज़ और सन मेलन दिए जाते हैं। जारा को तो खासतौर पर तरबूज काफी पसंद है। फलों के प्रति उसके प्रेम को देखते हुए, टीम ने जारा की 5वीं वर्षगांठ मनाने के लिए दलिया, चावल और फलों से एक विशेष केक बनाया, जिसे उसने बड़े ही चाव से खाया।
उप निदेशक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. इलियाराजा एस ने बताया कि जारा के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए, उसे केज फीडर, लटकने वाले रोलर्स और बॉक्स तथा पाइप फीडर जैसे एनरिचमेंट में खाना प्रदान किया जाता है। यह उसके शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार का प्रमुख सहारा है। इस दौरान वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव गीता शेषमणि भी मौजूद रहीं।