बलदेव। विश्व प्रसिद्ध हुरंगा बृहस्पतिवार को संपन्न हुआ, जिसमें जीतने के बाद हुरियारिनों ने महारास नृत्य कर जश्न मनाया। इस दौरान हुरियारिनों का जोश देखते ही बना। होली के गीतों और रसिया पर नाचते गाते हुए वातावरण भाव विभोर कर दिया।
नृत्य महारास में नृत्य कर उलाहने देते हुए कहा कि हुरंगा में मजा चखाय दियौ छठी कौ दूध याद दिलाय दयौ..., आ जइयौ फिर अगले बरस होरी कौ मजा चखाय दूंगी..., दाऊ कान्हा के सखा हारे, रेवती राधा की सखियां जीतीं, जे होरी नाए, जे तौ हुरंगा है.... गाया गया। आयोजकों ने बताया कि नृत्य महारास डोल पंचमी रविवार 8 मार्च तक चलेगा। रविवार को 45 दिवसीय होली महोत्सव का विधिवत समापन समारोह होगा। इस दौरान सैकड़ों हुरियारिनें सज-धज कर नाचतीं गाती हुई भावविभोर दिखीं।
सेवायत वैणीमाधव शास्त्री, गंगा पांडेय, कुलदीप पांडेय, विष्णु पांडेय, भगवत पांडेय चीनू पांडेय, सुखदेव पांडेय और बलदेव पांडेय ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध हुरंगा बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया गया। अब 45 दिवसीय होली महोत्सव का विधिवत समापन 8 मार्च को होगा। जब तक सभी हुरियारिनें पूरी तरह से तैयार होकर नृत्य महारास में हुरंगा जीत का जश्न मनाएंगी। संवाद