देवराहा बाबा आश्रम में पूजा करते हुए बड़े महाराज।
मांट। डांगोली क्षेत्र स्थित देवराह बाबा समाधि स्थल पर चल रहे ब्रह्मर्षि योगी सम्राट देवराहा बाबा के त्रिदिवसीय 36 वें योगिनी एकादशी वार्षिक पुण्यतिथि महोत्सव के दूसरे दिन बाबा महाराज की प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक कर वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य पूजन-अर्चन किया गया। साथ ही आश्रम की ओर से ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में बाबा महाराज की पावन स्मृति में भव्य फूल बंगला बनाया गया और ठाकुरजी को 56 भोग अर्पित किए गए।
इस अवसर पर भक्तों-श्रृद्धालुओं को अपने आशीर्वचन देते हुए योगीराज देवदास महाराज (बड़े सरकार) ने कहा कि हमारे सदगुरुदेव युग पुरुष योग सम्राट देवराह बाबा महाराज भारतीय संस्कृति की अमूल्य निधि थे। उन जैसा चमत्कारी संत पृथ्वी पर कभी कही पैदा नहीं हुआ।उनकी उम्र का कुछ पता नहीं चलता। प्रमाणों के आधार पर उनकी उम्र कोई 100 वर्ष, कोई 700 वर्ष तो कोई 2000 वर्ष बताता है। श्रीमज्जगद्गुरु नाभापीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्णदास देवाचार्य महाराज ने कहा कि योग सम्राट देवराह बाबा महाराज में भूत, भविष्य और वर्तमान का आंकलन करने की अद्भुत क्षमता थी। वो त्रिकाल दर्शी थे।
गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि ब्रह्मलीन देवराह बाबा महाराज कभी अन्न ग्रहण नहीं करते थे। योग,वायु और यमुना जल ही उनका आहार था। प्रख्यात भजन गायक नंदू भैया ने कहा कि ब्रह्मलीन देवराहा बाबा महाराज में योग, भक्ति, वेदांत और ज्ञान आदि का अद्भुत समावेश था। महोत्सव में विभिन्न प्रांतों से आए बाबा के अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में संत, ब्रजवासी, वैष्णव सेवा और विशाल भंडारा हुआ। इसमें हजारों व्यक्तियों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया।